
Lalan Singh on Rahul Gandhi: नई दिल्ली। कांग्रेस और राहुल गांधी पर भाजपा नेताओं का हमला तेज हो गया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने मंगलवार को बीजेपी मुख्यालय में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। ललन सिंह ने कहा कि देश में पिछले कई दिनों से नौटंकी और ड्रामे के जरिए अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने के प्रयास को जनता कभी माफ नहीं करेगी। ललन सिंह ने कहा कि देश में संविधान सर्वोपरि है, कोई परिवार नहीं।
ललन सिंह ने राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रदर्शन करने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्या देश के इतिहास में कभी किसी राजनीतिक दल ने सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रदर्शन किया है? उन्होंने कहा कि जब याचिका दायर करने का रास्ता मौजूद है, तब अदालत के सामने प्रदर्शन करने का उद्देश्य संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाना है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का मकसद संवैधानिक संस्थाओं को दबाव में लाना है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में दबाव की राजनीति काम नहीं करती।
ललन सिंह ने राहुल गांधी की तुलना उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से करते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी कांग्रेस को 1974-75 के दौर में ले जाना चाहते हैं। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लोगों के मौलिक अधिकार समाप्त कर दिए गए थे और लाखों लोगों को जेल में डाल दिया गया था। ललन सिंह ने कहा कि वह भी उस दौरान जेल में रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह इंदिरा गांधी ने अपनी सत्ता बचाने के लिए देश में आपातकाल लगाया था, उसी तरह राहुल गांधी सत्ता हासिल करने के लिए अराजकता का माहौल पैदा करना चाहते हैं।
पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह उन्हें 10 सवालों के जवाब देने की चुनौती देते हैं। उन्होंने दावा किया कि कई लोग राहुल गांधी को कांग्रेस के बार-बार चुनाव हारने की सबसे बड़ी वजह मानते हैं। गोयल ने कहा कि युवा राहुल गांधी को 'बैड ओमेन' और 'रेड फ्लैग' कहते हैं। उनके मुताबिक, राहुल गांधी कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा रेड फ्लैग हैं। पीयूष गोयल ने कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान तीन महीने की गर्भवती महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों ने महिला पत्रकार के साथ गलत व्यवहार किया, जबकि वह केवल प्रदर्शन की कवरेज कर रही थीं। गोयल ने कहा कि देश के 140 करोड़ लोग और कोई भी पत्रकार इस घटना को माफ नहीं करेगा।