
SIR पर बढ़ा विरोध: सुप्रीम कोर्ट से कर्नाटक हाईकोर्ट तक वकीलों का प्रदर्शन, Photo Source@LiveLaw
Police Action Against Lawyers: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली और बेंगलुरु में वकीलों तथा विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। वकीलों ने दिल्ली में पुलिस की कथित कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन के सदस्यों ने वकीलों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और कथित बर्बरता के विरोध में प्रदर्शन किया। वहीं कर्नाटक हाई कोर्ट के वकीलों ने दिल्ली में वकीलों और युवाओं की कथित गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए हाई कोर्ट गेट के सामने प्रदर्शन किया, साथ ही CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की।
बेंगलुरु के वकीलों ने भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर वकीलों और छात्रों की कथित गैर-कानूनी गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन किया। इन वकीलों ने CEC ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने की मांग की।
मंगलवार दोपहर बेंगलुरु में हाई कोर्ट के गोल्डन गेट पर वकीलों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने दिल्ली में हुई कथित पुलिस बर्बरता की निंदा की और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, विरोध का यह सिलसिला जारी रहेगा।
दिल्ली और बेंगलुरु में हुए इन प्रदर्शनों से स्पष्ट है कि वकील समुदाय में इस मुद्दे को लेकर गहरी नाराजगी है। एक ओर जहां वे CEC के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस की कथित कार्रवाई और बर्बरता को लेकर भी जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली की विभिन्न अदालतों के वकीलों ने 10 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने 'संविधान बचाओ' और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने लगभग 100 वकीलों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ले जाया गया। महिला वकीलों के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद बार एसोसिएशनों ने विरोध जताया। मामले में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) के हस्तक्षेप के बाद हिरासत में लिए गए वकीलों को करीब दो घंटे बाद रिहा कर दिया गया।
Updated on:
13 Oct 2026 04:02 pm
Published on:
13 Oct 2026 03:49 pm
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