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बिहार की यूनिवर्सिटी का कारनामा, PM मोदी और राज्यपाल फागू चौहान को बनाया BA का स्टूडेंट, एडमिट कार्ड वायरल

PM Modi Photo on Admit card: बिहार के विश्वविद्यालयों के कारनामे अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। कभी यहां 100 नंबर की परीक्षा में 151 अंक दे दिया जाता है तो कभी हीरो-हीरोईन के साथ-साथ देश के नेताओं की तस्वीरें एडमिट कार्ड पर छप जाती हैं। अब ऐसा ही एक और नया मामला सामने आया है।

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Lalit Narayan Mithila University Darbhanga issued Admit Card of PM Narendra Modi and Governor Phagu Chauhan

pm modi Photo on Admit card: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के राज्यपाल फागू चौहान की तस्वीर लगी बीए पार्ट-3 की परीक्षा का एडमिट कार्ड इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल हो रहा एडमिट कार्ड बिहार के एक विश्वविद्यालय का है। जिसमें गुड़िया कुमारी नाम की छात्रा के एडमिट कार्ड में पीएम मोदी की तस्वीर तो रवीश कुमार शानू नामक छात्र के एडमिट कार्ड में राज्यपाल फागू चौहान की तस्वीर लगी है। दोनों एडमिट कार्डों के वायरल होने पर संबंधित विश्वविद्यालय की खूब किरकिरी हो रही है।

मामला बिहार के दरभंगा जिले में स्थित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) से जुड़ा है। यूनिवर्सिटी ने बीए पार्ट 3 की परीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यपाल फागू चौहान की फोटो लगा एडमिट कार्ड जारी किया है। अब दोनों एडमिट कार्ड की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। हालांकि मामले में विवि प्रसाशन छात्र को दोषी बता रहा है।


शनिवार को एक छात्रा का एडमिट कार्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर और साइन के साथ जारी हुआ है। एडमिट कार्ड को गुड़िया कुमारी नाम की एक छात्रा ने यूनिवर्सिटी की आधिकारिक साइट पर जाकर डाउनलोड किया। छात्रा के एडमिट कार्ड पर उसकी जगह पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर और साइन है। इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।


इससे पहले यूनिवर्सिटी ने गुरुवार को बेगूसराय में संबद्ध बीडी कॉलेज के छात्र रवीश कुमार शानू को प्रवेश पत्र जारी किया था। जबकि उस बच्चे के एडमिट कार्ड पर उसका नाम, पिता का नाम और पता सही है। लेकिन राज्यपाल की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है। इन दोनों घटनाओं से पहले इसी विश्वविद्यालय ने 100 अंकों की परीक्षा में एक छात्र को 151 अंक दे दिए थे।


मामले में विवि के रजिस्ट्रार डॉ. मुश्ताक अहमद ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। हालांकि रजिस्ट्रार ने कहा कि इसमें दोष छात्रों का ही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को एक आईडी मिली है, जिसके माध्यम से उन्हें अपने डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा छात्रों की आईडी से ही हुआ है।

यदि गलती से यह घटना हुई होती है तो छात्रों को विवि में इसकी शिकायत करनी चाहिए थी। लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल कर विवि को बदनाम किया है। ऐसे में विवि इन छात्रों पर कार्रवाई करेगा। वीसी ने इसका आदेश दे दिया है।

Published on:
10 Sept 2022 10:48 pm