
Lalu Prasad Yadav:कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संसद में दिए गए अपने एक पुराने भाषण का वीडियो शेयर किया। वीडियो के साथ लिखे पोस्ट में लालू यादव ने भगवान कृष्ण के जन्म, कंस और जेल का जिक्र करते हुए BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सत्ता में बैठे नेताओं की तुलना 'कंस' से की। लालू यादव ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों और जेल का डर दिखाकर उन्हें दबाया नहीं जा सकता, क्योंकि भगवान कृष्ण की जन्मस्थली होने के नाते जेल उनके लिए एक गुरुद्वारा है।
सोशल मीडिया पोस्ट में लालू प्रसाद यादव ने लिखा कि भगवान कृष्ण से खौफ खाकर अत्याचारी कंस ने उनके माता-पिता को जेल में कैद कर दिया था, लेकिन कृष्ण ने उसी कारागार में जन्म लिया, जेल तोड़कर बाहर निकले, पाखंड के खिलाफ गोवर्धन पर्वत उठाया और पापी कंस का अंत किया।
लालू यादव ने कहा कि वे भी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े नल, नील, कोल, भील, गरीब, दलित और पिछड़ों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते हैं और यही सत्ता की नजरों में उनका कसूर बन जाता है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे आज के कंस यह गलतफहमी न पालें कि वे सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स के जरिए उन्हें झुका सकते हैं, क्योंकि वे जेल के इन हथकंडों से कतई नहीं डरते।
लालू प्रसाद यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए आगे कहा कि धर्म की दुहाई देने वालों ने असल में धर्म का ही नुकसान किया है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के चरण पखारने वाली यमुना नदी आज भी मैली है और उसमें गंदे नाले गिर रहे हैं। गंगा और यमुना की सफाई के नाम पर सरकारी खजाने से अरबों रुपये लूटे गए, लेकिन नदियां साफ नहीं हुईं। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब तो इन लोगों ने राम मंदिर के चंदे तक की चोरी कर ली है।
शेयर किए गए वीडियो में लालू यादव संसद के भीतर अपने खास अंदाज में जवाब देते हुए दिख रहे हैं। वे बताते हैं कि जब उनसे पूछा गया कि वे बार-बार जेल क्यों जाते हैं, तो उन्होंने कहा था कि जहां भगवान कृष्ण का जन्म हुआ, वह जगह उनके लिए गुरुद्वारे समान है। अपनी यदुवंशी विरासत का जिक्र करते हुए लालू यादव ने कहा कि हमारे कुल प्रधान कृष्ण भगवान ने पूरी दुनिया को गीता का मर्म सिखाया, धार्मिक ग्रंथों में 'हे यादव, हे माधव' दर्ज है और असली पंडित कोई और नहीं बल्कि स्वयं भगवान कृष्ण रहे हैं।