
ऋतब्रत बनर्जी के खिलाफ 2017 के संगीन मामले को लेकर फिर हलचल बढ़ी है। (फाइल फोटो - एएनआई)
Ritabrata Banerjee 2017 Case: पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और बागी टीएमसी नेता ऋतब्रत बनर्जी के खिलाफ 9 साल पुराने मामले को लेकर फिर हलचल बढ़ गई है। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। अब गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से मामले को उचित तरीके से देखने और इसकी जानकारी कुणाल घोष को देने को कहा है।
कुणाल घोष ने गृह मंत्रालय के निर्देश की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने ऋतब्रत बनर्जी के खिलाफ पुराने मामले से जुड़े दस्तावेज, जानकारी और तस्वीरें गृह मंत्री अमित शाह को भेजी थीं। इसके बाद गृह मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव को मामले पर उचित कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिया है।
यह मामला 2017 का है। उस समय एक 30 वर्षीय महिला ने ऋतब्रत बनर्जी पर यौन शोषण और शादी का भरोसा देकर उसका शोषण करने का आरोप लगाया था। महिला ने ऋतब्रत के साथ अपनी कुछ निजी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की थीं। उसने इन पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तत्कालीन महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी को टैग किया था। महिला ने इस मामले में बालुरघाट थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसके बाद बंगाल सीआईडी ने ऋतब्रत से पूछताछ की थी। हालांकि, बाद में मामला आगे नहीं बढ़ा।
ऋतब्रत बनर्जी को उस समय सीपीएम से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था। 2018 में वह टीएमसी में शामिल हो गए। कुणाल घोष का आरोप है कि ऋतब्रत के टीएमसी में शामिल होने के बाद यह मामला आगे नहीं बढ़ा। अब उन्होंने गृह मंत्रालय से इस मामले की दोबारा जांच की मांग की है।
कुणाल घोष ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष के नेता के पद से हटाने की मांग की। उन्होंने राज्य पुलिस से महिला के पुराने आरोपों की जांच दोबारा शुरू करने को भी कहा। कुणाल ने यह पता लगाने की मांग की कि क्या ऋतब्रत ने अपने राजनीतिक संपर्कों का इस्तेमाल मामले को प्रभावित करने या दबाने के लिए किया था। कुणाल घोष ने कहा कि इस मामले में यह पता लगना चाहिए कि महिला के साथ आखिर क्या हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी अधिकारी ने मामले को दबाने की कोशिश की तो वह उसके खिलाफ उचित कदम उठाएंगे।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ऋतब्रत बनर्जी और कई अन्य टीएमसी विधायकों ने ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत कर दी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने ऋतब्रत को विपक्ष के नेता के तौर पर मान्यता दी। अब पुराने मामले को लेकर गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद पश्चिम बंगाल सरकार की भूमिका अहम हो गई है। फिलहाल मंत्रालय ने राज्य सरकार से मामले को उचित तरीके से देखने और शिकायतकर्ता विधायक कुणाल घोष को जवाब देने को कहा है।
हालांकि, ऋतब्रत बनर्जी पहले ही इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बता चुके हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद अब इस पुराने मामले की जांच को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है इस पर नजर रहेगी।
Updated on:
04 Sept 2026 07:17 pm
Published on:
04 Sept 2026 07:17 pm
