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पहली बार भारत में मिला लिथियम का भंडार, जानिए ये क्यों है बड़ी बात

भारत में पहली बार लिथियम का भंडार मिला है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के सलाल-हैमाना इलाके में 59 लाख टन लिथियम संसाधनों (जी3) मिला है। आइए जानते हैं जम्मू-कश्मीर में लिथियम के भंडार की खोज एक बड़ी बात क्यों है।

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Lithium deposits found in India for first time, Why discovery of Lithium reserves in Jammu and Kashmir is a big deal

भारत में पहली बार जम्मू-कश्मीर में 59 लाख टन लिथियम का भंडार मिला है, जिसके बारे में केंद्र सरकार ने घोषणा करते हुए बताया है। खान मंत्रालय ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए बताया कि "भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने पहली बार जम्मू-कश्मीर (UT) के रियासी जिले के सलाल-हैमाना क्षेत्र में लिथियम के 5.9 मिलियन टन अनुमानित संसाधन (G3) की स्थापना की है। इस खोज के प्रारंभिक चरण की खानों को G3 के नाम से भी जाना जाता है।" इसके साथ ही मंत्रालय ने बताया कि "खान मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने 62वीं केंद्रीय भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड की बैठक के दौरान राज्य सरकारों को 16 भूवैज्ञानिक रिपोर्ट और ज्ञापन सौंपे हैं।

लिथियम की खोज खान मंत्रालय के प्रयासों का एक प्रमाण
खान मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा मीडिया से बात करते हुए कहा कि "पहली बार लिथियम के भंडार की खोज की गई है और वह भी जम्मू-कश्मीर में। हमने महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की ओर अपने अन्वेषण उपायों को फिर से डिस्कवर किया है। यह खोज हमारे प्रयासों का एक प्रमाण है।"

जम्मू-कश्मीर ने रचा इतिहास
जम्मू-कश्मीर के खनन सचिव अमित शर्मा ने कहा कि "जम्मू-कश्मीर ने मोबाइल और ईवी बैटरी में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण खनिज लिथियम की खोज के साथ खनन क्षेत्र में इतिहास रचा है।" अलौह धातु लिथियम ईवी बैटरी के आवश्यक तत्वों में से एक है। भारत अब लिथियम, निकल और कोबाल्ट सहित अपने अधिकांश खनिजों का आयात करता है। खान मंत्रालय के पहले के बयानों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना से खनिज, विशेष रूप से लिथियम प्राप्त करने के लिए सरकार कई सक्रिय कदम उठा रही है।

भारत में लिथियम का भंडार मिलना बड़ी बात
विवेक भारद्वाज के अनुसार महत्वपूर्ण खनिजों की हर जगह जरूरत होती है, चाहे वह सौर पैनल के लिए हो या सेल फोन के लिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए प्रमुख खनिजों की पहचान करना और फिर आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें संसाधित करना महत्वपूर्ण है। इलेक्ट्रिक कारों के लिए एकमात्र विकल्प लिथियम बैटरी है क्योंकि इसमें उच्च शक्ति-से-भार अनुपात होता है और कार के कर्ब वजन को कम रखते हुए बहुत अधिक शक्ति प्रदान कर सकता है। यह विभिन्न प्रकार के तापमानों में भी बेहतर काम करता है और अधिक ऊर्जा कुशल है। नतीजतन यह अन्य विकल्पों की तुलना में अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद प्रक्रिया है। यही कारण है कि लिथियम भंडार की खोज एक बड़ी बात है क्योंकि 2030 तक ईवी पैठ को 30% तक बढ़ाने की भारत की महत्वाकांक्षा में खनिज एक प्रमुख घटक है। वर्तमान में, देश में बिकने वाली सभी नई कारों में से 1% से भी कम इलेक्ट्रिक गाड़िया हैं।

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Published on:
10 Feb 2023 02:14 pm