
LK Advani Health Update: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को सीने में संक्रमण के चलते दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, 98 वर्षीय आडवाणी की हालत फिलहाल स्थिर है। बता दें कि आडवाणी को इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उन्हें आईसीयू में रखा गया है। अस्पताल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, वरिष्ठ न्यूरोलॉजी सलाहकार डॉ. विनीत सूरी की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
वहीं आडवाणी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पताल पहुंचकर लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की और उनके हालचाल जाने। आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही है।
ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने भी लालकृष्ण आडवाणी के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री के अस्पताल में भर्ती होने की खबर से वह चिंतित हैं। उन्होंने भगवान श्रीजगन्नाथ से आडवाणी को शक्ति देने और शीघ्र स्वस्थ करने की प्रार्थना की।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल कृष्ण आडवाणी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने पर आडवाणी से आशीर्वाद लिया था।
पीएम मोदी ने लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात करने के बाद एक्स पर पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था कि लालकृष्ण आडवाणी की कई दशकों की सार्वजनिक सेवा और देश के जीवन में उनके योगदान की गहरी छाप रही है. पीएम मोदी ने देश की प्रगति को मजबूत करने में आडवाणी की अहम भूमिका का भी जिक्र किया था।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पार्टी के अध्यक्ष के रूप में तीन बार जिम्मेदारी संभाली। वह 1986 से 1990, 1993 से 1998 और 2004 से 2005 तक भाजपा के अध्यक्ष रहे।
25 सितंबर 1990 को लालकृष्ण आडवाणी ने गुजरात के सोमनाथ से राम रथ यात्रा की शुरुआत की थी। इस राजनीतिक अभियान ने राम मंदिर आंदोलन को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया। उनकी यात्रा को उसी वर्ष 23 अक्टूबर को बिहार के समस्तीपुर में उनकी गिरफ्तारी के बाद रोक दिया गया था।
अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के दौरान आडवाणी ने 1998 से 2004 तक केंद्रीय गृह मंत्री और 2002 से 2004 तक उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उनके गृह मंत्री रहते हुए 1999 में कारगिल संघर्ष हुआ और दिसंबर 2001 में भारतीय संसद पर आतंकवादी हमला हुआ था।
भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के सत्ता में आने से पहले भी लालकृष्ण आडवाणी केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके थे। उन्होंने मोरारजी देसाई के नेतृत्व वाली सरकार में 1977 से 1979 तक सूचना एवं प्रसारण मंत्री के रूप में कार्य किया था।