Loan Settlement : सेटलमेंट सीधे बैंक या कर्ज देने वाली कंपनी से करें, किसी थर्ड पार्टी या अन्य डेट सेटलमेंट फर्म के साथ नहीं। लोन सेटलमेंट करने से आपका क्रेडिट स्कोर बिगड़ेगा और आप पछताएंगे।
Loan Settlement : क्रेडिट कार्ड से खर्च बढ़ने से साथ लोगों पर क्रेडिट कार्ड का बकाया बढ़ता जा रहा है। आरबीआई के मुताबिक, वर्ष 2023-24 में लोगों पर क्रेडिट कार्ड का बकाया दो साल में 66 प्रतिशत बढ़कर क्र2.57 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। जाहिर है, लोग कर्ज के जाल से बाहर आने की कोशिश कर रहे होंगे। इसका एक तरीका है लोन सेटलमेंट। इसमें कुल कर्ज से कम रकम एकमुश्त चुकाकर कर्ज खत्म कर दिया जाता है। मान लीजिए किसी का क्रेडिट कार्ड बिल 2 लाख रुपए तक पहुंच गया है। ग्राहक को 1-1.25 लाख में सेटलमेंट कर लोन बंद करने का मौका मिल सकता है। देखने में यह अच्छा सौदा लगता है, पर इसके कई नुकसान भी हैं।
ऐंड्रोमेडा सेल्स के सीईओ राउल कपूर ने बताया, लोन सेटलमेंट कर कर्ज खत्म करने से फौरी राहत मिल जाती है, मगर आपका क्रेडिट स्कोर बहुत खराब हो जाता है जिससे आगे जाकर कर्ज नहीं मिल पाता। अगर लोन मिलता भी है तो काफी ऊंची ब्याज दर पर।
कई लोग सेटलमेंट के समझौते को लिखित में नहीं लेते हैं। सेटलमेंट का लिखित समझौता अपने हाथ में आने के बाद ही रकम देनी चाहिए। सेटलमेंट में रकम कम कराने के लिए मोलभाव नहीं करना भी बड़ी गलती है।
लोन सेटल कराना अच्छी बात नहीं है, लेकिन करा ही रहे हैं तो शर्तें आपके मुताबिक होनी चाहिए। सेटलमेंट सीधे बैंक या कर्ज देने वाली कंपनी से करें, किसी थर्ड पार्टी या अन्य डेट सेटलमेंट फर्म के साथ नहीं।
एक क्रेडिट कार्ड का बकाया दूसरे कार्ड में ट्रांसफर करने से आप क्रेडिट कार्ड का कर्ज बेहतर ढंग से संभाल लेते हैं और ब्याज देने से भी बच जाते हैं। यदि कोई कंपनी कुछ समय के लिए ब्याज नहीं ले रही है तो बाकी सारे कार्ड का बकाया उसमें ट्रांसफर करने से फाइनेंस चार्ज और विलंब शुल्क बचा सकते हैं।
बैंकबाजार डॉट कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा, अगर पेमेंट टालने की खातिर ऐसा कर रहे हैं तो यह भारी पड़ सकता है। बैलेंस ट्रांसफर तभी कारगर है, जब नियमित तौर पर रकम चुकाते हैं और कार्ड में नए शुल्क नहीं जुडऩे देते।
नए कार्ड की शर्तें ठीक से पढि़ए। बैलेंस ट्रांसफर की शर्तें, शुल्क, ब्याज दर पूरी तरह समझ लीजिए। मियाद पूरी होने से पहले बकाया पूरी तरह चुका दीजिए और पुराने खाते को दुरुस्त कर लीजिए, ताकि क्रेडिट हिस्ट्री बढिय़ा रहे।
पहले से चल रहे कई कर्ज को एक बार में ही निपटाने के लिए एक नया बड़ा कर्ज ले सकते हैं। इसका मकसद ब्याज में जा रही रकम बचाना है। ऊंची ब्याज दर पर लिए गए पुराने कर्ज को निपटाने के लिए कम ब्याज दर वाला कर्ज लें। यह कर्ज ज्यादा मियाद का होना चाहिए। इससे मासिक किस्त कम हो जाती है और कर्ज चुकाना आसान हो जाता है।
काफी छोटी मासिक किस्त चुनने से आपका कर्ज लंबे समय तक चलेगा, जिससे आपको बतौर ब्याज ज्यादा पैसा चुकाना पड़ेगा।
अपने मौजूदा बैंक से पूछें कि कम ब्याज दर पर नया लोन मिल सकता है या नहीं। सोना आदि गिरवी रखकर कर्ज लेने की कोशिश करें या पहले से चल रहे होम लोन पर टॉप-अप लोन लें। ये लोन काफी सस्ते होते हैं।