श्रद्धा मर्डर केस पर बेगूसराय से सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहाकि, देश के अंदर लव जिहाद एक तरह से मिशन चल गया है। हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसा कर उन्हें मार देना दुर्भाग्यपूर्ण है।
श्रद्धा मर्डर केस ने देश को हिला दिया है। श्रद्धा की हत्या उसके प्रेमी आफताब ने जिस निर्दयता के साथ की है, उस से आम जनता हिल गई। इस हत्याकांड को लेकर लोगों के मन में लव जिहाद के प्रति गुस्सा तेज हो गया है। बिहार के बेगूसराय में आज केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दिल्ली में हिंदू लड़की की हत्या पर भावुक होने के साथ—साथ गुस्से में भी नजर आए। गिरिराज सिंह ने लव जिहाद पर एक बार फिर जोरदार हमला बोला। गिरिराज सिंह ने कहाकि, देश के अंदर लव जिहाद एक तरह से मिशन चल गया है। हिंदू लड़कियों को बहला कर अपने साथ जोड़ना और उसके बाद उसे छोड़ देना या मार देना..ये दुर्भाग्यपूर्ण है।
देश का दुर्भाग्य है - गिरिराज सिंह
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहाकि, ये देश का दुर्भाग्य है कि जब दिल्ली के अंदर कोई गैर मुस्लिम हिंदू हो या कोई और अगर किसी से प्रेम विवाह करता है तो उस लड़की को टुकड़-टुकड़े में बदल दिया जाता है। नाम, चोला, भेष बदलकर, बहला-फुसलाकर हिंदू लड़कियों के साथ ऐसा हो रहा। मुंबई में जो घटना हुई वो लिव इन रिलेशन में नहीं बल्कि वैवाहिक रिलेशन में थे उसके बाद उसके टुकड़े करके फेंक दिया।
आरोपी को फिर ले गई जंगल पुलिस
श्रद्धा मर्डर केस में श्रद्धा के अवशेष बरामद करने के लिए पुलिस आरोपी आफताब को को एक बार फिर महरौली वन क्षेत्र ले गई। दिल्ली पुलिस उस हथियार की तलाश में भी है जिससे श्रद्धा की हत्या की गई है। अब तक श्रद्धा के शव के मिले अवशेषों के सैंपल को जांच के लिए भेज दिया गया है। यह जानकारी हासिल करनी है कि, क्या यह मानव अवशेष है या नहीं। इसकी पुष्टि होने के बाद यह जानकारी की जाएगी कि, क्या यह श्रद्धा के शव के अवशेष के सेंपल हैं या नहीं। इसको पुख्ता करने के लिए पिता से भी सम्पर्क किया जा रहा है।
वन क्षेत्र में मिली हड्डियों को जांच के लिए भेजा
दिल्ली पुलिस सूत्रों ने बताया कि, उन्हें वन क्षेत्र में कुछ हड्डियां मिली हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है। आरोपी को इसके पहले सोमवार को इलाके में ले जाया गया था। बताया गया है कि, आरोपी श्रद्धा के शरीर के टुकड़े पॉलीबैग में भरकर रात दो बजे घर से इसी जंगल में फेंकता था।
आठ नवंबर को दर्ज हुई थी एफआईआर
मामला आठ नवंबर को तब सामने आया जब मृतका के पिता महाराष्ट्र के पालघर से महरौली थाने में गुमशुदगी की शिकायत लेकर आए।