LPG Crisis के बीच सरकार ने सभी घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित e-KYC अनिवार्य कर दिया है। जानें कैसे घर बैठे मोबाइल ऐप से पूरा करें यह प्रोसेस।
LPG Crisis: देश में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई में आई कमी के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक e-KYC अनिवार्य कर दिया है। मंत्रालय के अनुसार उपभोक्ता अब घर बैठे मोबाइल ऐप के जरिए भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द अपनी आधार आधारित e-KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। मंत्रालय के मुताबिक उपभोक्ता अपने ऑयल मार्केटिंग कंपनी (OMC) के मोबाइल ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप की मदद से घर बैठे ही यह वेरिफिकेशन कर सकते हैं।
मंत्रालय ने यह भी सलाह दी है कि यदि किसी उपभोक्ता को e-KYC प्रक्रिया में परेशानी हो रही है तो वह अपने नजदीकी LPG डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
देश में एलपीजी सिलेंडर की कमी का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव बताया जा रहा है। अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसी वजह से गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है और कई शहरों में सिलेंडर की कमी देखी जा रही है।
एलपीजी सप्लाई में शॉर्टेज के बीच एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में 14.2 किलो घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है, यानी 60 रुपये का इजाफा हुआ है। वहीं 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 115 रुपये बढ़कर 1884.50 रुपये हो गई है।
गैस की कमी के कारण कई शहरों में पैनिक बायिंग और जमाखोरी के मामले सामने आए हैं। कर्नाटक के केंगेरी इलाके में पुलिस ने एक व्यक्ति को अलग-अलग कंपनियों के गैस सिलेंडर जमा कर महंगे दामों पर बेचने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
दिल्ली में भी हालात को देखते हुए पुलिस ने गैस डिपो के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों ने जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं।
स्थिति को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर भी सीमा तय कर दी है। अब शहर में दैनिक औसत खपत के केवल 20 प्रतिशत तक ही कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई की जाएगी।
सरकार का कहना है कि e-KYC प्रक्रिया अनिवार्य करने का उद्देश्य वास्तविक उपभोक्ताओं की पहचान सुनिश्चित करना और फर्जी कनेक्शन व कालाबाजारी पर रोक लगाना है।