
LPU Violence: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) कैंपस में रविवार को भड़की हिंसा के बीच बेहद हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। कथित दुष्कर्म और छात्रा की खुदकुशी की अफवाहों के बाद भड़के बवाल में असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों ने यूनिवर्सिटी के यूनी मॉल को निशाना बनाया। मॉल के अंदर दुकानों से सामान बटोरते और 'फ्री शॉपिंग' करते छात्रों के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
इंटरनेट पर वायरल हो रहे वीडियो में कई लोग मॉल के अंदर घूम-घूमकर खाने-पीने की चीजें, महंगे गैजेट्स और अन्य सामान उठाते दिख रहे हैं। एक वीडियो में पीछे से आवाज आती है, 'मुफ्त में शॉपिंग, शॉपिंग डन!' वहीं, एक अन्य वीडियो में व्यक्ति दुकानों के सामान की तरफ इशारा करते हुए कहता सुनाई दे रहा है, 'क्या चाहिए? अभी ऑर्डर करो, सब मुफ्त में मिलेगा।'
हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिख रहे सभी लोग LPU के छात्र हैं या नहीं।
पुलिस के अनुसार, शनिवार रात सोशल मीडिया पर एक छात्रा से यौन उत्पीड़न और उसकी खुदकुशी को लेकर कुछ मैसेज वायरल हुए थे। इसके बाद हॉस्टल के बाहर भारी संख्या में छात्र जमा हो गए। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और प्रदर्शनकारियों ने NH-44 को जाम कर दिया।
स्थिति तब बिगड़ी जब हाईवे खाली कराने पहुंची पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। इस दौरान पुलिस की दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया, कई गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। उपद्रवियों ने कैंपस में लगे एक एटीएम कियोस्क, सीएस बिल्डिंग और एडमिशन ब्लॉक को भी भारी नुकसान पहुंचाया।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही यौन उत्पीड़न की खबरों को पूरी तरह से झूठी, निराधार और अफवाह करार दिया है। LPU का कहना है कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। कैंपस के ही एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रदर्शन की आड़ में बाहरी उपद्रवी और गुंडे कैंपस में घुस आए थे, जिन्होंने इस हिंसा और तोड़फोड़ को अंजाम दिया। यूनिवर्सिटी ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी को हॉस्टल के अंदर रहने की सलाह दी है।
कैंपस में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए LPU प्रशासन ने सोमवार से अगले 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। इसके साथ ही मिड-टर्म परीक्षाओं को भी अगले आदेश तक टाल दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, फॉरेंसिक सैंपल और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए उपद्रवियों और चेहरे ढककर लूटपाट करने वालों की पहचान की जा रही है।