
LPU Protest: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ को लेकर विश्वविद्यालय के डीन डॉ. सौरभ लखनपाल ने बाहरी लोगों और असामाजिक तत्वों पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने छात्रा से यौन उत्पीड़न की बात को सोशल मीडिया पर फैली अफवाह बताते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है और दोषियों के नाम सामने आने चाहिए। डीन ने कहा कि छात्रों के बीच अफवाहें और भ्रामक संदेश फैलाए गए थे। कुछ छात्र मामले की सच्चाई जानना चाहते थे, लेकिन कुछ लोगों ने इसे हिंसक प्रदर्शन में बदलने का मौका बनाया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लखनपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय ने छात्रों की मांगों पर शुरुआत से ही कार्रवाई की। छात्रों की मांग पर जांच समिति बनाई गई और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई गई। हॉस्टलों का निरीक्षण भी किया गया। उन्होंने कहा कि छात्र प्रतिनिधि भी मामले को देख रहे हैं और विश्वविद्यालय उनकी चिंताओं को गंभीरता से ले रहा है।
सोशल मीडिया पर सामने आए प्रदर्शन के वीडियो को लेकर डीन ने कहा कि वरिष्ठ छात्रों और पूर्व छात्रों में परिसर में हुई तोड़फोड़ को लेकर नाराजगी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का माहौल इस तरह खराब नहीं होना चाहिए था। छात्रा से यौन उत्पीड़न की बात किसने फैलाई, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस और साइबर सेल इसकी जांच कर रहे हैं। जांच में संदेश फैलाने वाले मोबाइल नंबर, आईपी पते और स्थान की जानकारी सामने आ सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।
डीन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर मामले का समाधान नहीं होने देना चाहते थे। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय को लगता है कि इसके पीछे परिसर का शैक्षणिक माहौल बिगाड़ने की साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच के साथ सीबीआई जांच भी हो तो विश्वविद्यालय को अधिक भरोसा होगा और मामले में शामिल लोगों तक जल्द पहुंचने में मदद मिल सकती है। पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए लखनपाल ने कहा कि अगर समय रहते स्थिति संभाली जाती तो घटना इतनी गंभीर नहीं होती। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान आगजनी, वाहनों को जलाने और पथराव जैसी घटनाएं हुईं।
एलपीयू के संस्थापक और कुलाधिपति अशोक मित्तल के आम आदमी पार्टी से भाजपा में जाने के बाद विश्वविद्यालय को निशाना बनाए जाने के आरोपों पर डीन ने कहा कि इस पहलू की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन और विश्वविद्यालय स्तर पर जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। हिंसक प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय में 10 दिन के लिए कक्षाएं स्थगित की गई हैं। डीन ने कहा कि कक्षाएं जल्द शुरू होंगी और विश्वविद्यालय यह सुनिश्चित करेगा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और पाठ्यक्रम प्रभावित न हो।