
LPU Students Protest: पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में रविवार को हालात अचानक बिगड़ गए। सोशल मीडिया पर एक छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन करने लगे। देखते ही देखते विरोध ने उग्र रूप ले लिया। कैंपस में तोड़फोड़ और आगजनी की खबर सामने आई। छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे भी जाम कर दिया।
अब मामले में पुलिस ने छात्रा के बयान के आधार पर FIR दर्ज की है। जांच के लिए SIT बनाई गई है। वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही कई बातों को अफवाह बताया है। पुलिस और प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
LPU के वाइस चांसलर डॉ. जसपाल सिंह संधू ने कहा कि पुलिस ने छात्रों के आरोपों के आधार पर FIR दर्ज कर ली है। उन्होंने कहा कि छात्रों को जरूरी मदद दी जाएगी। उनके मुताबिक SIT में पांच छात्रों को भी शामिल किया गया है। VC ने कहा कि अगर जांच में घटना सही पाई जाती है, तो जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की कुछ दूसरी मांगें लॉजिस्टिक से जुड़ी हैं। इन पर यूनिवर्सिटी प्रशासन बातचीत करेगा।
वहीं पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, छात्रों की शिकायत और बयानों को रिकॉर्ड किया गया है। इसके बाद मामले में FIR की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT बनाई गई है।
शुरुआती चरण में पुलिस ने कहा था कि कथित घटना की पुष्टि करने वाला ठोस सबूत सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना था कि सोशल मीडिया पर वायरल दावों के बाद छात्रों में बेचैनी बढ़ी। अब जांच टीम आरोपों की सच्चाई सामने लाने में जुटी है। पुलिस अलग-अलग पहलुओं को देख रही है। इसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। कई जगहों पर यूनिवर्सिटी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की खबर सामने आई। कुछ सामान में आग लगाए जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद छात्रों का एक बड़ा ग्रुप कैंपस से बाहर पहुंच गया। जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन किया गया। इससे सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने मौके पर सुरक्षा बढ़ा दी। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की। इसके बाद हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। प्रशासन की ओर से भी छात्रों से संयम बरतने की अपील की गई।
LPU प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को लेकर अलग रुख रखा। यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने कई दावों को गलत और भ्रामक बताया। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे बिना पुष्टि वाली जानकारी पर भरोसा न करें। फिलहाल LPU मामले में पुलिस की जांच जारी है। FIR और SIT की जांच के बाद ही कथित घटना से जुड़े तथ्य पूरी तरह साफ होंगे।