
LPU Student Protest : चंडीगढ़। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर शिरोमणि अकाली दल के सचिव दलजीत सिंह चीमा ने पंजाब सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक स्थिति बताते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन छात्रों को भरोसा दिलाने में नाकाम रहे। चीमा ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की और पूरे मामले के पीछे की साजिश का पता लगाने की मांग की।
चीमा ने कहा कि सबसे पहले चितकारा यूनिवर्सिटी में दो छात्रों के आत्महत्या करने की अफवाह फैली थी। इसके बाद बड़े स्तर पर हंगामा हुआ और सार्वजनिक संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा। इसके अगले ही दिन लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में भी एक छात्रा के साथ रेप किए जाने की अफवाह फैलने की बात सामने आई।
उन्होंने कहा कि इस मामले के पूरे तथ्य अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अफवाह के बाद विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए कि आखिर ऐसी स्थिति को इतना बढ़ने क्यों दिया गया।
SAD नेता ने कहा कि जब बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे तो सरकार और प्रशासन की पहली जिम्मेदारी उन्हें भरोसा दिलाना और स्थिति स्पष्ट करना थी। उन्होंने कहा कि छात्र इस धारणा के कारण आक्रोशित थे कि किसी छात्रा के साथ दुष्कर्म या दुष्कर्म का प्रयास हुआ है। चीमा ने सवाल उठाया कि क्या सरकार और प्रशासन इतने अक्षम हैं कि वे छात्रों से प्रभावी तरीके से संवाद कर उन्हें आश्वस्त नहीं कर सकते थे। उन्होंने इसे पूरी तरह प्रशासनिक विफलता करार दिया।
दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि छात्रों पर किया गया लाठीचार्ज किसी भी तरह से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि युवा अपराधी नहीं हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले के पीछे की साजिश का पता लगाया जाना चाहिए। ये युवा पढ़ाई करने के लिए यहां आए हैं और निर्दोष छात्र हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कई छात्र घायल हुए और सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा।
चीमा ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा की ओर से पंजाब सरकार के आवास में आम आदमी पार्टी की पंजाब सह-प्रभारी गायत्री बिश्नोई की मौजूदगी और मंत्रियों के बंगलों के इस्तेमाल को लेकर उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों द्वारा पंजाब के मंत्री आवासों के इस्तेमाल का मुद्दा नया नहीं है। अकाली दल इस मामले को पहले भी कई बार उठा चुका है। चीमा ने आरोप लगाया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान भी जब एसवाईएल नहर और पंजाब से जुड़े अन्य अंतरराज्यीय मुद्दे चल रहे थे, तब पंजाब सरकार के बंगलों का इस्तेमाल हरियाणा चुनाव अभियान चलाने के लिए किया गया था।