
PM Modi Namesake: पीएम मोदी 76 साल के हो गए हैं। आज गुरुवार को उनका जन्मदिन है। इस खास मौके पर चलिए, उनके नाम से जुड़ी एक दिलचस्प किस्सा बाबते हैं। जरा सोचिए, आप किसी से अपना नाम बताएं और सामने वाला अचानक चौंक जाए। फिर आपसे पूछे कि क्या आप सही बोल रहे हैं? अपना आधार कार्ड दिखाइए…।
मध्य प्रदेश में कुछ लोगों के साथ ऐसा ही होता है। यहां एक-दो नहीं, बल्कि पांच लोगों का नाम नरेंद्र मोदी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नाम एक जैसा होने के कारण इन्हें अक्सर अजीब स्थितियों का सामना करना पड़ता है। कई बार हंसी-मजाक होता है। कई बार सामने वाला सच में भ्रमित हो जाता है। ऐसे मौकों पर पहचान साबित करने के लिए उन्हें अपना ID कार्ड दिखाना पड़ता है।
‘TOI’ के मुताबिक, बुरहानपुर के 67 वर्षीय नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह रिटायर्ड सरकारी स्कूल प्रिंसिपल हैं। वह स्टेट-लेवल मास्टर ट्रेनर भी रह चुके हैं। दिल्ली में एक चुनाव प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपना परिचय दिया। जैसे ही उन्होंने कहा- ‘मेरा नाम नरेंद्र मोदी है’, वहां बैठे क्लर्क ने तुरंत सवाल किया- ‘क्या मजाक कर रहे हैं?’
इसके बाद उन्हें अपना पहचान पत्र दिखाना पड़ा। इसके बावजूद क्लर्क को तुरंत भरोसा नहीं हुआ। कुछ देर समझाने के बाद मामला साफ हुआ। क्लर्क ने उनसे माफी मांगी। इसके बाद उन्होंने एक बात हमेशा के लिए याद रख ली। वह अपना ID कार्ड (आधार) साथ रखने लगे। उनके लिए यही पहचान का सबसे आसान सबूत बन गया।
2015 में भी उनके साथ ऐसा ही एक दिलचस्प मामला हुआ। उन्होंने बैंक मैनेजर को फोन किया। बातचीत के दौरान जब उन्होंने अपना नाम बताया, तो मैनेजर कुछ देर के लिए असमंजस में पड़ गया। उन्हें समझाना पड़ा कि फोन करने वाला प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि बुरहानपुर का स्कूल प्रिंसिपल है।
बुरहानपुर के नरेंद्र मोदी ने स्थानीय सांसद से फोन पर बात करने का एक और किस्सा बताया। उन्होंने सांसद से समय मांगा। नाम सुनते ही सांसद ने मजाक किया कि मोबाइल पर ‘नरेंद्र मोदी’ नाम देखकर आसपास बैठे लोगों को लगता है कि प्रधानमंत्री का फोन आया है।
मथुरा यात्रा के दौरान भी उनका नाम चर्चा का कारण बना। भीड़ के बीच गार्ड्स ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने मजाक में अपना नाम नरेंद्र मोदी बताया। ID कार्ड दिखाने के बाद भी गार्ड्स पहले हैरान हुए। फिर पूरा मामला समझकर हंसने लगे।
देवास में एक नरेंद्र मोदी ऑफिस की पेंट्री में चाय सर्व करते हैं। वह कहते हैं कि नाम सुनते ही लोग कुछ सेकंड रुक जाते हैं। फिर मुस्कुराते हैं और उन्हें गौर से देखते हैं। उनके मुताबिक, नाम के कारण ग्राहक उन्हें आसानी से याद भी रखते हैं।
पीथमपुर में एक और नरेंद्र मोदी करीब डेढ़ दशक से चाय की दुकान चला रहे हैं। उनकी दुकान का नाम ‘मोदी टी-स्टॉल’ है। ग्राहक अक्सर पूछते हैं कि क्या दुकान प्रधानमंत्री के नाम पर है। उनका जवाब साफ है। यह नाम उन्हें जन्म से मिला है।
UPI से भुगतान करने के बाद जब ग्राहकों के फोन पर प्रधानमंत्री की तस्वीर दिखाई देती है, तो वे मजाक करते हैं। देवास के बालगढ़ के 50 वर्षीय नरेंद्र मोदी भी ऐसा ही अनुभव बताते हैं। कभी उन्हें ‘चायवाला’ कहकर मजाक किया जाता था। यह मजाक उनकी बेटी के स्कूल तक पहुंच गया था। एक नाम। पांच लोग। लेकिन हर किसी की अपनी कहानी है।