
Tamil Nadu Assembly Speaker Notice: तमिलनाडु में चार एआईएडीएमके विधायकों के इस्तीफे का मुद्दा गरमाया हुआ है। मद्रास हाई कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर JCD प्रभाकर को नोटिस जारी कर पूछा है कि ऐसे समय में इस्तीफे कैसे स्वीकार कर लिए गए, जब इन विधायकों के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई लंबित थी।
एआईएडीएमके का आरोप है कि पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने और बाद में TVK का समर्थन करने वाले विधायकों को अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया चल रही थी, फिर भी उनके इस्तीफे मंजूर कर दिए गए। अब सबकी नजर 29 जून पर टिकी है, जब हाई कोर्ट इस अहम मामले की अगली सुनवाई करेगा।
2026 के विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके को करारी हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी सिर्फ 47 सीटें जीत सकी, जबकि अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी TVK ने अपने सहयोगियों के साथ सरकार बना ली। इसके बाद एआईएडीएमके में असंतोष बढ़ता गया और कई नेता पार्टी छोड़ने लगे।
विजयभास्कर से पहले भी पार्टी के विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें मरागाथम कुमारवेल, जयकुमार, सत्यभामा और इसाकी सुब्बैया का नाम शामिल हैं। लगातार इस्तीफों के कारण विधानसभा में एआईएडीएमके की ताकत 47 से घटकर 42 सीटों तक पहुंच गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या विजयभास्कर भी मुख्यमंत्री विजय की पार्टी TVK में शामिल होंगे। सूत्रों की मानें तो वह इस बारे में अपने समर्थकों और क्षेत्र के लोगों से राय ले रहे हैं। हालांकि अभी तक उनकी कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। वहीं अगर विजयभास्कर TVK में शामिल होते हैं, तो यह एआईएडीएमके के लिए एक और बड़ा झटका होगा और मुख्यमंत्री विजय की राजनीतिक स्थिति और मजबूत हो सकती है।
तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था को लेकर डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्य सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों से लोगों में डर और चिंता बढ़ रही है, लेकिन सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है।
उन्होंने सीएम विजय से सवाल किया कि जब सरकार बार-बार सक्षम पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति और महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष बल बनाने का दावा करती है, तो फिर अपराध क्यों नहीं रुक रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को खोया है, उनका दर्द सरकार को समझना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं और सरकार को बताना चाहिए कि अपराध रोकने के लिए अब तक कौन-से ठोस कदम उठाए गए हैं। स्टालिन ने मुख्यमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो डीएमके राज्यभर में बड़ा आंदोलन शुरू कर सकती है।