Maharashtra Crisis: आधी रात में भी महाराष्ट्र में सियासी खींचतान जारी रही। बुधवार देर रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री आवास छोड़ दिया है। अपने साजो-सामान के साथ उद्धव ठाकरे वापस मातोश्री में शिफ्ट हो गए हैं।
Maharashtra Crisis: महाराष्ट्र की राजनीति में उठापटक लगातार जारी है। आधी रात में भी यहां सियासी खींचतान जारी रही। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार देर रात मालाबार हिल स्थित अपना आधिकारिक आवास 'वर्षा' खाली कर दिया है। उन्होंने अपने परिवार के साथ बांद्रा स्थित अपने निजी घर 'मातोश्री' में वापसी की। मंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना विधायकों के बागी समूह से भावनात्मक अपील करने के कुछ घंटों बाद उद्धव ने यह कदम उठाया। अपनी अपील में उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष, दोनों पद छोड़ने के लिए तैयार हैं, बशर्ते बागी उनसे मिलें और यह मांग करें।
बता दें कि शिवसेना में एकनाथ शिंदे की अगुआई में हुई बगावत के बाद महाविकास अगाड़ी सरकार पर संकट गहरा गया है। शिवसेना के 33 विधायक और सरकार को सर्मथन दे रहे सात निर्दलीय विधायकों के साथ एकनाथ शिंदे ने बगावत छेड़ दी है। जिसके बाद राज्य सरकार पर संकट आ गया है। दूसरी ओर ठाकरे बुधवार सुबह कोविड-19 पॉजिटिव मिले।
सियासी घमासान के बीच उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्होंने त्यागपत्र तैयार रखा है और कोई भी बागी ले जा सकता है और उसे राज्यपाल को सौंप सकता है। जवाब में शिंदे ने कहा कि हिंदुत्व के लिए कदम उठाने होंगे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस से नाता तोड़ने की अपनी मांग दोहराई।
एमवीए सहयोगियों के प्रभाव, मुख्यमंत्री द्वारा पद छोड़ने की पेशकश और यहां तक कि अपने आधिकारिक आवास को खाली करने के उनके फैसले के बावजूद संकट कम होने का कोई संकेत फिलहाल नहीं दिखा रहा है। दूसरी ओर असम के गुवाहाटी के एक होटल में बागी शिवसेना विधायक एकनाथ शिंदे अन्य विधायकों के साथ दिखाई दिए। इससे जुड़ा एक वीडियो समाचार एजेंसी एएनआई ने जारी किया। इस बीच गुवाहाटी के एक होटल में चार और बागी विधायक पहुंचे।