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क्या होती है ‘MCOCA’ कार्रवाई? महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में डिप्टी CM एकनाथ शिंदे का बड़ा बयान, अब तक तीन अरेस्ट

Maharashtra TET Paper Leak 2026: महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने मास्टरमाइंड पर ‘MCOCA’ कार्रवाई करने की बात कही है। रिपोर्ट्स की मानें तो अब SIT इस पूरे मामले की जांच करेगी।
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Jun 27, 2026
Maharashtra Deputy CM Eknath Shinde
महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे (इमेज सोर्स: ANI)

Maharashtra TET Paper Leak 2026 Update: महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कथित पेपर लीक का खुलासा कर दिया। इसके बाद राज्य सरकार ने 28 जून, 2026 को होने वाली परीक्षा स्थगित कर दी। अब तक इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के लिए SIT का गठन भी कर दिया गया है। इस बीच डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड पर ‘MCOCA’ के तहत कार्रवाई करने की बात कही है।

पेपर लीक पर सरकार सख्त, MCOCA लगाने की तैयारी

डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि TET पेपर लीक सिर्फ एक सामान्य अपराध नहीं, बल्कि संगठित अपराध (ऑर्गनाइज्ड क्राइम) का मामला है। इसलिए मास्टरमाइंड पर ‘महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट’ (MCOCA) के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विस्तार से चर्चा करेंगे। सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति है। किसी भी आरोपी को उसकी पहचान या पद के आधार पर राहत नहीं मिलेगी। शिंदे ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की भी सराहना की। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य बच गया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परीक्षा जल्द ही पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ दोबारा कराई जाएगी।

तीन आरोपी गिरफ्तार

ठाणे पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भिवंडी में कुछ लोग TET का प्रश्नपत्र बेचने वाले हैं। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नकदी और TET के चार प्रश्न पत्र बरामद किए गए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जांच के बाद पुष्टि की कि ये असली परीक्षा के प्रश्न पत्र थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच में जो भी व्यक्ति शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, शिवसेना नेता संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि देशभर में कोचिंग संस्थानों से जुड़ा बड़ा पेपर लीक माफिया सक्रिय है। वहीं, शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

क्या होती है ‘मकोका’?

‘मकोका’ (Maharashtra Control of Organised Crime Act) एक सख्त कानून है। इसे साल 1999 में महाराष्ट्र में संगठित अपराध और माफिया गिरोहों पर रोक लगाने के लिए बनाया गया था। बाद में इसे दिल्ली में भी लागू किया गया। दरअसल, यह कानून उन लोगों पर लागू होता है, जो किसी गैंग या सिंडिकेट का हिस्सा बनकर धमकी, हिंसा, वसूली, धोखाधड़ी या अन्य गैरकानूनी तरीकों से पैसा कमाते हैं।

मकोका के तहत मामला दर्ज होने पर आरोपी को आसानी से जमानत नहीं मिलती। पुलिस को लंबी अवधि तक पूछताछ करने का अधिकार मिलता है। जांच भी अधिक सख्ती से की जाती है। यदि आरोपी दोषी साबित होता है, तो उसे कड़ी सजा दी जा सकती है। यही वजह है कि ‘मकोका’ को देश के सबसे सख्त आपराधिक कानूनों में से एक माना जाता है।

Published on:
27 Jun 2026 09:26 pm
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