
कांग्रेस(फोटो-ANI)
Sonia Gandhi Statement: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के गाजा मुद्दे पर लिखे गए लेख से सियासी रार छिड़ गई है। उन्होंने सरकार की विदेश नीति की आलोचना कऱते हुए कहा कि सरकार की 'पत्थर जैसी चुप्पी' और निष्क्रियता न केवल नैतिक रूप से अनुचित है, बल्कि इससे भारत के रणनीतिक हितों को भी नुकसान पहुंचा है। इस लेख के बाद बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर विदेश नीति को 'वोट बैंक की राजनीति' से जोड़ने का आरोप लगाया है। यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी बहस का हिस्सा बन गया। लोगों ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के एक्स पोस्ट पर बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार का मुद्दा उठा दिया। लिखा, कांग्रेस हिंदुओं के मुद्दे पर चुप्पी साध लेती है।
सोनिया गांधी ने अपने लेख में कहा था कि भारत अपने पारंपरिक सहयोगी देशों फिलिस्तीन, मिस्र और पश्चिम एशिया के अन्य देशों से दूर होता जा रहा है, जबकि पाकिस्तान को क्षेत्र में अपनी भूमिका बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विदेश नीति को भी राजनीतिक नजरिए से देख रही है। सोनिया ने कहा कि भारत को फिलिस्तीनी नागरिकों, विशेषकर बच्चों पर हो रही हिंसा पर स्पष्ट और नैतिक रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा पर भी सवाल उठाए।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोनिया गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत इजराइल और फिलिस्तीन के साथ संतुलित संबंध रखता है। भारत ने गाजा के लिए मानवीय सहायता भेजी है और संयुक्त राष्ट्र में गाजा से जुड़े प्रस्तावों का भी समर्थन किया है। पूनावाला ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इजराइल में हुए आतंकी हमलों और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चुप रही है।
सोनिया गांधी का लेख सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी द्वारा लेख साझा किए जाने के बाद कई यूजर्स ने उनसे सवाल पूछे। कुछ यूजर्स ने लिखा कि कांग्रेस हिंदुओं के मुद्दों पर कब बोलेगी, जबकि कुछ ने कश्मीरी पंडितों की हत्याओं का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस की आलोचना की।
Updated on:
28 Jun 2026 03:11 am
Published on:
28 Jun 2026 03:06 am
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
