राहुल के किताब पढ़ने की कोशिश पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, विपक्ष के नेता लोकसभा में वह किताब पेश करें जिसका हवाला दे रहे हैं, क्योंकि वह किताब प्रकाशित नहीं हुई है।
Mahua Moitra Attacks Modi Govt: लोकसभा के बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान भारी हंगामा मचा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के अंशों का हवाला देकर 2017 के डोकलाम विवाद पर सरकार को घेरने की कोशिश की। राहुल ने सदन में कहा कि किताब के मुताबिक चार चीनी टैंक भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे और वे डोकलाम में कैलाश रिज पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने भाजपा सांसद तेजसवी सूर्या के देशभक्ति पर सवाल उठाने वाले आरोपों का जवाब देते हुए कहा, "एक युवा सहकर्मी ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया… क्योंकि उन्होंने हमारी देशभक्ति और भारतीय संस्कृति की समझ पर सवाल उठाया, मैं सेना प्रमुख नरवणे की किताब से कुछ पढ़ना चाहता हूं। अच्छी तरह सुनिए, आप समझेंगे कि कौन देशभक्त है।"
राहुल के किताब पढ़ने की कोशिश पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, विपक्ष के नेता लोकसभा में वह किताब पेश करें जिसका हवाला दे रहे हैं, क्योंकि वह किताब प्रकाशित नहीं हुई है। गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी हस्तक्षेप किया, कहा कि अप्रकाशित सामग्री का सदन में जिक्र नियमों के विरुद्ध है।
स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को अनुमति नहीं दी और अभिभाषण पर फोकस करने को कहा। इससे विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की और सदन की कार्यवाही में बाधा आई। राहुल ने पलटवार में कहा, "इसमें क्या ऐसा है जो उन्हें इतना डराता है? अगर वे नहीं डरते, तो मुझे आगे पढ़ने दें।"
इस पूरे विवाद पर तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा राहुल गांधी के समर्थन में उतर आईं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में सरकार पर तीखा हमला बोला। मोइत्रा ने कहा, "संसद में कोई हंगामा नहीं था। यह अविश्वसनीय है कि सत्तारूढ़ पार्टी, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और संसदीय मंत्री मिलकर विपक्ष पर कुछ भी कह सकते हैं।" उन्होंने सवाल उठाया, "क्या भारत-चीन संबंधों का जिक्र सदन में नहीं किया जा सकता? भारत-पाकिस्तान या भारत-अमेरिका संबंधों का? हम क्या करें? बैठकर जय प्रधानमंत्री बोलें? क्या यही सदन का काम है?"
मोइत्रा ने विपक्ष को 'देशद्रोही' कहने का आरोप लगाते हुए कहा, "वे हमें देशद्रोही कहते हैं, कीचड़ उछालते हैं और यह सब ठीक है। कोई नियम उन्हें नहीं रोकता। लेकिन हम कुछ कहें तो हमारे अधिकार छीन लिए जाते हैं।" उन्होंने तेजसवी सूर्या का जिक्र करते हुए कहा, "कोई जैसे तेजसवी सूर्या कुछ भी कह सकता है और तालियां मिलती हैं, लेकिन विपक्ष के बोलने पर रोक लग जाती है।"
मोइत्रा ने नियम 349 का हवाला दिया, कहा कि राष्ट्रपति अभिभाषण में सब कुछ शामिल है, तो चर्चा क्यों रोकी जा रही है? यह घटना संसद में विदेश नीति, विशेषकर चीन के साथ संबंधों पर बहस की मांग को लेकर नया मोड़ ले चुकी है। विपक्ष इसे सरकार की कमजोरी बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे नियमों का उल्लंघन करार दे रहा है। पूर्व सेना प्रमुख की किताब पर विवाद बढ़ने से राजनीतिक गलियारों में हलचल मची है, और आगे की कार्यवाही पर सबकी नजरें टिकी हैं।