IRGC ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी के स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर हमला किया है। ईरान के मिसाइल हमले में इलाके को भारी नुकसान पहुंचा है।
Iran-Israel War: ईरान लगातार खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहा है। IRGC ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी के स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर हमला किया है। ईरान के मिसाइल हमले में इलाके को भारी नुकसान पहुंचा है। जानकारी सामने आ रही है कि ईरान के इस हमले में 5 भारतीय नागरिक भी बुरी तरह घायल हुए हैं। IRGC के कमांडर ने कहा कि हम अमेरीकियों और इजरायलियों को चुन-चुनकर मारेंगे। वहीं, इजरायल में ईरानी अटैक में कई सैनिक मारे गए हैं।
ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मिसाइल से हमला किया है। इस हमले में अमेरिकी एयरफोर्स के पांच एयर रिफ्यूलिंग विमानों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, करीब 10 अमेरिकी सैनिक भी घायल हुए हैं। जिनमें से दो की हालत गंभीर है।
कतर स्थित सेंटकॉम (अमेरिकी सेंट्रल कमांड) के एक प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष में 300 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से अधिकांश ड्यूटी पर लौट चुके हैं। इसके अतिरिक्त, अभियान के दौरान 13 सैन्यकर्मियों ने अपनी जान गंवाई है।
इधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान बहुत कमजोर हो चुका है और अब बातचीत चल रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने सैन्य मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है। यह बातें उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत और मियामी में दिए गए एक भाषण में कहीं।
एयर फ़ोर्स वन से उतरने के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि ईरान कमजोर हो रहा है। अब हम दोनों के बीच बातचीत चल रही है। वे समझौता करना चाहते हैं। हमारा सैन्य बल दुनिया में सबसे ताकतवर है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी दबाव के कारण ईरान बातचीत के लिए तैयार हुआ है, हालांकि बातचीत कैसे और कब तक चलेगी, इस बारे में उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी।
मियामी में 'फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव प्रायोरिटी समिट' में एक अलग संबोधन में, ट्रंप ने स्थिति का अपना आकलन प्रस्तुत किया और ईरान को अमेरिकी सैन्य अभियानों के कारण काफी कमजोर बताया। उन्होंने कहा कि हम ईरान के हथियारों के जखीरे को खत्म कर रहे हैं, उनकी मिसाइल और ड्रोन फैक्ट्रियों को ऐसे स्तर पर नष्ट कर रहे हैं जिसके बारे में किसी ने कभी सोचा भी नहीं था और उनके रक्षा औद्योगिक आधार को पूरी तरह से खत्म कर रहे हैं।
ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। उनके अनुसार, ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है, वायुसेना पूरी तरह बेअसर हो गई है और उसकी हवाई रक्षा व संचार व्यवस्था भी टूट चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के कई बड़े नेता मारे जा चुके हैं और देश का शीर्ष नेतृत्व भी अब पहले जैसा नहीं रहा।