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NIA की बड़ी कार्रवाई; पाक जासूसी रैकेट का भंडाफोड़, कोलकाता से आरोपी गिरफ्तार

NIA Pakistani SPY Arrest: NIA ने कोलकाता के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तानी इंटेलिजेंस अधिकारियों को गोपनीय सुरक्षा जानकारी देने और भारत विरोधी आतंकी साजिश में शामिल होने का आरोप है। जांच एजेंसी मामले की गहन जांच कर रही है।
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May 21, 2026
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NIA की बड़ी कार्रवाई (सोर्स: ANI)

NIA Pakistani SPY Arrested: देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) ने कोलकाता में एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि यह आरोपी लंबे समय से पाकिस्तानी इंटेलिजेंस अधिकारियों (PIOs) के संपर्क में था और उन्हें भारत की सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी भेज रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क भारत विरोधी आतंकी साजिश से जुड़ा हुआ हो सकता है। NIA का कहना है कि आरोपी पाक समर्थित जासूसी गतिविधियों में शामिल था और संवेदनशील डाटा को गुप्त तरीके से बाहर भेज रहा था। इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे जासूसी रैकेट की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि इसके पीछे मौजूद अन्य लोगों और नेटवर्क का भी पता लगाया जा सके।

आरोपी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी

नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) की जांच में एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। एजेंसी के मुताबिक, कोलकाता के रहने वाले जफर रियाज उर्फ रिजवी को गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ पहले से लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी था और गिरफ्तारी के समय उसे प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित करने की प्रक्रिया भी चल रही थी। उस पर भारतीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान को भेजने का गंभीर आरोप है।

NIA ने बताया कि ज़फ़र पर BNS, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और यूएपीए (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि उसकी शादी एक पाकिस्तानी नागरिक से हुई थी और उसके बच्चे भी पाकिस्तान के नागरिक हैं। आरोपी का पहले भी जासूसी के एक मामले में नाम आ चुका है, जिसमें उसे IPC और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था।

जांच एजेंसी के अनुसार, ज़फ़र 2005 से भारत और पाकिस्तान के बीच यात्रा करता रहा है। इसी दौरान कुछ पाकिस्तानी इंटेलिजेंस अधिकारियों (PIOs) ने उससे संपर्क किया। उन्हें भारत की गोपनीय जानकारी देने के बदले पैसे और अन्य लालच दिए गए, यहां तक कि पाकिस्तानी नागरिकता का वादा भी किया गया।

इसके बाद आरोपी ने इस नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी। उसने एक PIO को भारतीय मोबाइल नंबरों के OTP दिए, ताकि वह व्हाट्सएप अकाउंट चला सके और गुप्त बातचीत कर सके। इसी माध्यम से भारत की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को आगे भेजा जाता था। इस नेटवर्क में मोतीराम जाट नाम का एक और आरोपी भी शामिल बताया गया है, जो खुद भी संवेदनशील जानकारी PIO तक पहुंचाने में मदद कर रहा था।

NIA की जांच अभी जारी है और एजेंसी इस पूरे जासूसी और आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। साथ ही गाजियाबाद में भी एक अलग मामले में पांच नाबालिगों (JCLs) के खिलाफ रिपोर्ट दाखिल की गई है, जिन पर पाकिस्तान से जुड़ी आतंकी साजिश में शामिल होने का आरोप है।

Updated on:
21 May 2026 01:10 am
Published on:
21 May 2026 01:10 am