
मौसम विभाग की चेतावनी (AI जनरेटेड इमेज)
Weather Update: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम ने दो बिल्कुल अलग तस्वीरें दिखानी शुरू कर दी हैं। उत्तर भारत के कई राज्य इन दिनों भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे हैं, जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, उत्तराखंड और दिल्ली जैसे इलाकों में दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है।
वहीं दूसरी ओर, पूर्वोत्तर भारत और अंडमान-निकोबार में भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। IMD के मुताबिक 21 से 25 मई के बीच कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी देखने को मिल सकती है। ऐसे में देश का मौसम एक तरफ लोगों को झुलसा रहा है तो दूसरी तरफ बारिश राहत लेकर आने की तैयारी में है।
उत्तर प्रदेश समेत समूचे उत्तर भारत में प्रचंड गर्मी और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को जारी पूर्वानुमान में अगले सात दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हीटवेव से लेकर सीवियर हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की है। राजधानी लखनऊ समेत पूर्वांचल और बुंदेलखंड के जिलों में दिन का तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जबकि रात में भी गर्म हवाओं के कारण लोगों को राहत नहीं मिल रही है। बलिया से गाजियाबाद तक सुबह नौ बजे से ही गर्म हवा के थपेड़ों से लोग बेहाल दिखाई दिये जबकि 11 बजते बजते सड़कों पर सन्नाटा छाने लगा। गर्मी और लू का प्रभाव इस कदर दिखाई दे रहा है कि पार्क,मॉल,बाजार और प्राणि उद्यान आमतौर पर सुनसान दिखाई दे रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग पूरी करते ट्रांसफार्मर हांफ रहे हैं जिसके चलते बिजली की आवाजाही आम हो चुकी है। प्रदेश के अधिकतर जिलों में कक्षा आठ तक के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां कर दी गयी हैं।
मौसम के तल्ख तेवरों के बीच सरकारी और निजी अस्पतालों के बाहृय रोगी विभाग (ओपीडी) में भीड़ बढ़ गयी है। चिकित्सकों ने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पेय पदार्थो का सेवन करने और सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक बाहर न निकलने की सलाह दी है। हृदय रोगियों से अपील की गयी है कि वे डाक्टरी परामर्श से ली गयी दवा के नियमित सेवन करें और अपरिहार्य स्थितियों में मेडिकल स्टोर का रुख न करके डाक्टर से सलाह लेकर दवाओं का सेवन करें।
इस बीच मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 19 से 25 मई तक मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहेगा। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति झोंकों के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में 22 मई के बाद कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है, लेकिन इससे तापमान में अधिक राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भीषण लू से अति भीषण लू चलने की संभावना है। साथ ही कुछ स्थानों पर "वार्म नाइट" की स्थिति भी बनी रहेगी, जिससे रात के समय भी तापमान सामान्य से काफी अधिक रहेगा।
वाराणसी सोमवार को प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर में सड़कों और घाटों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ दिखाई दी। बढ़ती गर्मी को देखते हुए नगर निगम ने प्रमुख चौराहों पर ग्रीन शेड, मिस्ट गन और 17 वाटर एटीएम की व्यवस्था की है, ताकि राहगीरों और श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।
भीषण गर्मी को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। बांदा में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 19 मई से कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है, जबकि वाराणसी में इंटरमीडिएट तक के स्कूल 25 मई तक बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। समर कैंप और अन्य गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। चिकित्सकों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सतर्कता बरतने, अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने किसानों को भी सतर्क रहने को कहा है। विभाग के अनुसार तेज गर्म हवाओं और लगातार बढ़ते तापमान का असर फसलों तथा पशुओं पर पड़ सकता है। किसानों को सिंचाई और पशुओं के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है।
अगले 24 घंटों के दौरान तेलंगाना के नालगोंडा, रंगारेड्डी, विकाराबाद, संगारेड्डी, मेडक, कामारेड्डी, महबूबनगर और नागरकूर्नूल जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के चलने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने मंगलवार को अपने दैनिक विवरण में कहा कि बुधवार को भी नलगोंडा, रंगारेड्डी, विकाराबाद, संगारेड्डी, महबूबनगर, नागरकूर्नूल, वनपर्ति, नारायणपेट और जोगुलम्बा गदवाल जिलों में ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं। अगले 48 घंटों के दौरान तेलंगाना में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने के अनुमान हैं। विभाग ने यह भी अनुमान जताया है कि अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे एक से दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। राज्य में 21 से 25 मई तक मौसम शुष्क रहने और अगले तीन दिनों के दौरान तेलंगाना के कुछ इलाकों में लू चलने के भी आसार हैं।
विवरण में बताया गया कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में एक या दो स्थानों पर बारिश हुई। इसी अवधि के दौरान आदिलाबाद में सबसे अधिक तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पंजाब में भीषण गर्मी और 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के मद्देनजर जिले का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है और सभी सरकारी अस्पतालों, जिला अस्पताल, उपमंडल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शीतलन वार्ड स्थापित किए गए हैं।
सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने मंगलवार को जिले के नागरिकों को 'हीट वेव' यानी लू से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील करने के साथ ही विशेष एडवाइजरी भी जारी की। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग ने 18 से 24 मई तक पंजाब में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए जिले के अस्पतालों में एयर कंडीशनर, कूलर और जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है ताकि लू से प्रभावित मरीजों का तुरंत इलाज किया जा सके। उन्होंने बताया कि जिले की सभी एंबुलेंसों में तापमान मापने वाले यंत्र, बर्फ के पैक और ओआरएस के पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं ताकि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने से पहले ही प्राथमिक राहत दी जा सके।
डॉ. गर्ग ने कहा कि लू लगने के प्रमुख लक्षणों में तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, बेचैनी, शरीर का तापमान अचानक बढ़ना, चेहरा लाल होना और बेहोशी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर ले जाकर उसके कपड़े ढीले करने चाहिए और ठंडे पानी की पट्टियां करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि बेहोशी की हालत में मरीज को कोई भी तरल पदार्थ मुंह से नहीं देना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बेवजह बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को कपड़े, पगड़ी या टोपी से ढककर रखें तथा हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए अधिक मात्रा में पानी, लस्सी, शिकंजी और गन्ने के रस जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।साथ ही प्रशासन ने सार्वजनिक कार्यक्रमों और मैदानी गतिविधियों के दौरान पीने के पानी और छांव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
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Published on:
20 May 2026 12:04 am
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