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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र, सर्वदलीय बैठक बुलाने की उठाई मांग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। क्या है इस पत्र में? आइए जानते हैं।
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Oct 16, 2026
Malikarjun Kharge
मल्लिकार्जुन खरगे (Photo - ANI)

कांग्रेस (Congress) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खरगे (Malikarjun Kharge) ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को पत्र लिखा है। इस पत्र में संसद के खरगे ने मानसून सत्र के खत्म होने में देरी के साथ ही सरकार की संभावित योजनाओं का भी ज़िक्र किया।

पत्र में क्या लिखा?

खरगे ने लिखा, "13 अगस्त 2026 को संसद का मानसून सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था। तब से अब तक 64 दिन बीत चुके हैं, लेकिन संसद के दोनों सदनों का सत्रावसान अभी तक नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई है। आपको याद होगा कि मैंने सबसे पहले 11 अप्रैल 2026 को आपको पत्र लिखकर आग्रह किया था कि परिसीमन से जुड़ा कोई भी संवैधानिक संशोधन विधेयक लाने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। आपने ऐसा नहीं किया। इसके बाद 14 अप्रैल, 2026 की देर शाम आपने इन विधेयकों को सार्वजनिक किया और 16 अप्रैल 2026 को एक विशेष सत्र बुलाया। 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में परिसीमन से जुड़े इस संवैधानिक संशोधन विधेयक को जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका, और यह स्पष्ट रूप से विफल हो गया।"

खरगे ने आगे लिखा, "इसके बाद, 16 जुलाई 2026 और 27 अगस्त 2026 को मैंने आपको फिर पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह दोहराया। अब मैं चौथी बार आपसे यही अनुरोध कर रहा हूं। संसद में विचार के लिए अपने नए प्रस्तावों को अंतिम रूप देने से पहले कृपया एक सर्वदलीय बैठक बुलाएं जिससे उन पर विस्तार से चर्चा हो सके। सभी राजनीतिक दलों को आपस में, एक-दूसरे के साथ और अन्य सभी संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। कृपया संसद में किसी दूरगामी संवैधानिक संशोधन विधेयक को जल्दबाजी में जबरन पारित कराने की कोशिश न करें, जैसा कि आपने पहले भी किया था और जिसका नतीजा सबके सामने है।"

विपक्ष का सरकार पर आरोप

संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ, पर अभी तक सत्रावसान नहीं हुआ। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने परिसीमन बिल के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश में अभी तक सत्रावसान नहीं किया है।