
दिल्ली में 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन की रैली आयोजित होगी। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने पीएम को चैलेंज देते हुए कहा अगर प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) में वास्तव में हिम्मत है तो वे संसद भंग कर बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराएं। खरगे ने कहा कि जनता को छोटे-मोटे और स्थानीय चुनावों की बातों से संतुष्टि नहीं मिलेगी, बल्कि लोग न्याय चाहते हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आज देश में चर्चा के असली मुद्दे महंगाई, बेरोजगारी और युवाओं के सामने खड़ी चुनौतियां होनी चाहिए। इन विषयों पर गंभीर बहस की जरूरत है, लेकिन प्रधानमंत्री इन मुद्दों के बजाय छोटी-छोटी बातों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस पार्टी के अस्तित्व को लेकर बयान देते रहते हैं। खरगे ने कहा कि मोदी दावा करते हैं कि कांग्रेस कहीं दिखाई नहीं देती, जबकि एक समय ऐसा भी था, जब भाजपा के पास पूरी संसद में केवल दो सीटें थीं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा के पुराने राजनीतिक दौर का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय पार्टी संसद में महज दो सीटों तक सिमटी हुई थी। क्या भाजपा को बार-बार उस दौर की याद दिलाने की जरूरत है?
दिल्ली में आयोजित होने वाली विपक्ष की रैली को लेकर कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई जनता की अदालत में है। लोकतंत्र जनता का अधिकार है। वोट देने का अधिकार जनता का है, यह हर नागरिक का अधिकार है। हमने पहले भी कहा था कि प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए। ज्ञानेश कुमार को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए - यही हमारी मांग थी।
उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर सीईसी पर जो आरोप लगे है, उसको देखते हुए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए था। लेकिन वे इस्तीफा नहीं दे रहे हैं, इसलिए हम देश के सामने यह बात रखना चाहते हैं कि महाभियोग कितना महत्वपूर्ण है और यह क्यों किया जाना चाहिए।