Mallikarjun Kharge: पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में कहा, 'जब गरीबी का आटा भीग रहा है, तब मोदी जी देश को बचत पर उपदेश दे रहे हैं।'
PM Modi 7 Appeals: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए राष्ट्र से की गई सात अपीलों के पीछे के इरादे पर सवाल उठाया। मल्लिकार्जुन ने प्रधानमंत्री मोदी पर आर्थिक विवेक और सार्वजनिक व्यय पर उनकी हालिया टिप्पणियों को लेकर तीखा हमला किया और सरकार पर मुद्रास्फीति और आर्थिक संकट को दूर करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उक्त टिप्पणियों पर संसद का सत्र बुलाने के लिए सरकार से आग्रह करते हुए, कार्ति चिदंबरम ने कहा कि इस तरह की अपीलें 'नाटकीय' हैं और संकेत देती हैं कि कुछ सामान्य नहीं है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में कहा, 'जब गरीबी का आटा भीग रहा है, तब मोदी जी देश को बचत पर उपदेश दे रहे हैं।' उन्होंने कहा कि वैश्विक तनावों ने कीमतों और आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित किया है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने अर्थव्यवस्था से संबंधित चिंताओं को बार-बार उठाया है।
उन्होंने आगे कहा कि 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ गया और कांग्रेस पार्टी ने हर पहलू को उजागर किया- अर्थव्यवस्था का पतन, रुपये का लगातार गिरना, पेट्रोल-डीजल-एलपीजी की बढ़ती कीमतें और कमी, किसानों के लिए उर्वरक की कमी, खाद्य सुरक्षा पर मंडराता खतरा, दवाओं की बढ़ती कीमतें, लघु एवं मध्यम उद्यमों का संकट और भी बहुत कुछ। उन्होंने संकट के शुरुआती चरणों के दौरान सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान चुनाव प्रचार और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर केंद्रित था।
उन्होंने कहा, लेकिन प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार में इतने मशगूल क्यों थे? वे रोड शो क्यों कर रहे थे? वे हालात नियंत्रण में हैं, सब ठीक है क्यों कह रहे थे? उन्होंने प्रधानमंत्री की हालिया अपील की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव खत्म हो चुके हैं और देश को उपदेश दिया जा रहा है कि- यह मत करो, वह मत खरीदो, बचत करो, घर से काम करो।
कार्ति चिदंबरम ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह अपील या निर्देश काफी नाटकीय है, जिसमें वे देश के नागरिकों से घर से काम करने, सोना न खरीदने, सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने और निजी परिवहन से बचने का आग्रह कर रहे हैं। ये सभी अपीलें, निर्देश न सही, काफी नाटकीय हैं। अगर प्रधानमंत्री यह अपील कर रहे हैं, तो भारत की वास्तविक स्थिति क्या है? मुझे लगता है कि सरकार के लिए देश की जनता को विश्वास में लेना महत्वपूर्ण है।