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तमिलनाडु में नई सरकार बनने के बाद AIADMK की फूट खुलकर आई सामने, शपथ समारोह में अलग-अलग गुटों में नजर आए विधायक

AIADMK Split: तमिलनाडु विधानसभा में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान AIADMK की अंदरूनी फूट खुलकर सामने आई। पार्टी के विधायक अलग-अलग गुटों में बैठे नजर आए, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई।

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AIADMK Internal Rift

तमिलनाडु विधानसभा में AIADMK पार्टी में दिखा तकरार (Photo- IANS)

AIADMK Internal Rift: तमिलनाडु में नई सरकार बनने के बाद अब विपक्षी पार्टी AIADMK के अंदर की खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। सोमवार को विधानसभा में हुए शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पार्टी के विधायक अलग-अलग गुटों में बैठे नजर आए। जानकारी के अनुसार, पार्टी महासचिव एडप्पडी के पलानीस्वामी के समर्थक विधायक और वरिष्ठ नेता सीवी शणमुगम से जुडे विधायक अलग बैठे थे। पार्टी के अंदर लंबे समय से चल रही नाराजगी और मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं।

कहां से शुरू हुआ था विवाद?

AIADMK के अंदर मतभेदों की चर्चा उस समय तेज हुई जब तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई थी। इसी दौरान पार्टी के 28 विधायकों को पुडुचेरी के पूरनकुप्पम के एक निजी रिसॉर्ट में ठहराए जाने की खबर सामने आई थी। उस समय बताया जा रहा था कि ये विधायक वरिष्ठ AIADMK नेता सीवी शणमुगम के समर्थक हैं। इसके बाद यह अटकलें लगने लगीं कि पार्टी के अंदर अलग-अलग गुट सक्रिय हो चुके हैं। वहीं विधानसभा में शपथ ग्रहण के दौरान विधायकों का अलग-अलग बैठना इन चर्चाओं को और मजबूत करता नजर आया।

विजय ने किया पारदर्शी सरकार का वादा

बता दें कि सोमवार को विजय ने चेन्नई सचिवालय में विधायक के तौर पर शपथ ली। प्रोटेम स्पीकर एमवी करुप्पैया ने उन्हें शपथ दिलाई। उनके साथ सभी विधायकों ने भी शपथ ली। इससे पहले विजय ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले संबोधन में पारदर्शी सरकार चलाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि आप सभी मुझे थोड़ा समय दें। मैंने जो वादे किए हैं, उन्हें धीरे-धीरे पूरा करूंगा और पूरी ईमानदारी से लागू करने की कोशिश करूंगा। यह आपकी सरकार है।

DMK पर लगाए आरोप

मुख्यमंत्री विजय ने पिछली DMK सरकार पर राज्य की आर्थिक हालत खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार तमिलनाडु पर 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज छोड़कर गई है और सरकारी खजाना भी लगभग खाली हो चुका है। साथ ही मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद विजय ने कई बड़े फैसले भी लिए। उन्होंने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना को मंजूरी दी। इसके साथ ही ड्रग्स पर रोक लगाने और महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने से जुड़ी फाइलों पर भी हस्ताक्षर किए।