
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में भारी उथल-पुथल मची हुई है। पार्टी की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा भी बागी टीएमसी गुट में शामिल हो गए हैं। उनके जाने से ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है।
इस पर ममता बनर्जी ने साफ कहा है कि धमकियों और दबाव के बाद जो लोग जाना चाहते हैं, वे जा सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा- 2006 में मैंने खुद पार्टी खड़ी की थी, तो 2026 में फिर कर लूंगी।
ममता ने बुधवार को बताया कि उनके पास अभी 18 लोकसभा सांसद बचे हैं। कुछ सांसदों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। जो सांसद 'सेटिंग कंपनी' में शामिल हुए हैं, उन्होंने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि वे पुलिस से डरे हुए हैं।
इसके अलावा, मदन मोइत्रा की ओर इशारा करते हुए ममता ने कहा- कल ही एक नेता ने परिवार की सुरक्षा का हवाला देते हुए पार्टी छोड़ दी।
उन्होंने कहा- कल एक आदमी ने मुझे बताया कि उसका परिवार धमकियों का शिकार है। इस वजह से वह पार्टी छोड़ रहा है। जो जाना चाहते हैं, चले जाएं। मैं अकेली भी लड़ सकती हूं।
ममता बनर्जी ने आगे कहा- हमें अंदाजा था कि मदन मित्रा पाला बदल सकते हैं क्योंकि उन्हें और उनके परिवार को समन मिला था। जिनकी 'सेटिंग' है, वे भाजपा की 'वॉशिंग मशीन' में शामिल हो रहे हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी में बगावत तेज है। कई सांसद और विधायक पार्टी से नाराज बताए जा रहे हैं। कुछ नेता भाजपा की ओर रुख कर चुके हैं, जबकि कई और संपर्क में हैं।
ममता बनर्जी ने आगे भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा- हमें हराया गया। किसी न किसी दिन यह साबित हो जाएगा। मैं पुलिस का सम्मान करती हूं, लेकिन वे बीजेपी कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रहे हैं और हमारे नेताओं को धमका रहे हैं। वे यह कह रहे कि या तो बीजेपी में शामिल हो जाओ या दूसरे खेमे में; अगर नहीं, तो उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
ममता ने आगे कहा-- अगर मैंने कोई 'सेटिंग' की होती तो हमें इसका सामना नहीं करना पड़ता, लेकिन मैं अपना जमीर नहीं बेचती। मुझे उन लोगों के लिए अफसोस है जिन्होंने हमारे चुनाव चिह्न पर लड़ने वाले इन लोगों को वोट दिया। जिन लोगों पर आरोप हैं, वे दूसरे खेमों में शामिल हो रहे हैं।