West Bengal voter list controversy: पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी ने वोटर लिस्ट विवाद पर पीएम मोदी और अमित शाह को घेरा। मालदा हिंसा, AIMIM-ISF पर आरोप और CRPF को लेकर गंभीर दावे किए।
West Bengal Voter List Row: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने को लेकर विवाद थमता नहीं दिख रहा है। अब इसको लेकर सियासी पारा चढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि अगर वोटर लिस्ट में घुसपैठियों के नाम हैं, तो उन्हें सबसे पहले इस्तीफा देना चाहिए।
ममता बनर्जी ने दक्षिण दिनाजपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, 'यदि वोटर लिस्ट में घुसपैठियों के नाम शामिल हैं और मोदी ने पहले उनके वोटों से जीत हासिल की थी, तो उन्हें सबसे पहले इस्तीफा दे देना चाहिए।' इस दौरान उन्होंने वोटर लिस्ट को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि 2024 के आम चुनावों में इस्तेमाल की गई उन्हीं मतदाता सूचियों को अब चुनौती क्यों दी जा रही है। उन्होंने मालदा जिले में हुई हालिया घटना का भी जिक्र किया, जहां न्यायिक अधिकारियों को कई घंटों तक घेरा गया था।
ममता बनर्जी ने मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के लिए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और इंडियन सेकुलर फ्रंट (ISF) को जिम्मेदार ठहराया, जबकि कांग्रेस और भाजपा पर उकसाने का आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। सीआईडी ने मुख्य आरोपी, वकील मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा हवाई अड्डे से उस समय गिरफ्तार किया, जब वह भागने की कोशिश कर रहा था। उसी ने मालदा के मोथाबाड़ी में हिंसा की साजिश रची थी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुरक्षाबलों से जुड़ी अनियमितताओं का भी दावा किया। उन्होंने कहा, 'सीआरपीएफ के वाहनों का इस्तेमाल कर पैसे लाए जा रहे हैं। मेरे पास इन गतिविधियों का रिकॉर्ड है। मैं उचित समय पर इसका खुलासा करूंगी।'
ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया, जिन्होंने चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में प्रवास की घोषणा की है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि अमित शाह की राज्य में मौजूदगी से भाजपा को कोई लाभ नहीं होगा, बल्कि इससे पार्टी के वोट शेयर में कमी आएगी।