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मणिपुर में एक बार फिर लागू हुआ ‘अशांत क्षेत्र’ कानून, कई इलाकों को छोड़कर पूरे राज्य में रहेगा 6 महीने तक असर

AFSPA Extension: गृह मंत्रालय ने मणिपुर में AFSPA के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ का दर्जा छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाला यह आदेश 13 पुलिस थानों के इलाकों को छोड़कर पूरे राज्य में प्रभावी रहेगा।
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Sep 25, 2026
manipur news
मणिपुर में 6 महीने तक लागू हुआ 'अशांत क्षेत्र' (फोटो-ANI)

Manipur Violence: मणिपुर की हिंसा के चलते गृह मंत्रालय ने मणिपुर में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) के तहत 'अशांत क्षेत्र' का दर्जा छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। यह आदेश 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। हालांकि, राज्य के 13 तय पुलिस थानों के तहत आने वाले इलाकों को इससे बाहर रखा गया है। केंद्र सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं।

1 अक्टूबर से लागू होगा नया आदेश

गृह मंत्रालय ने मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के बाद शुक्रवार के आदेश में AFSPA की धारा 3 के तहत पूरे राज्य को 'अशांत क्षेत्र' (Disturbed Area) घोषित किया है। यह दर्जा 1 अक्टूबर 2026 से अगले छह महीने तक प्रभावी रहेगा। यह व्यवस्था पहले ही खत्म भी की जा सकती है, अगर सरकार इससे पहले इसे वापस लेने का फैसला करती है। यानी फिलहाल AFSPA के तहत यह व्यवस्था मार्च 2027 तक जारी रहेगी।

13 पुलिस थानों के इलाके बाहर

सरकार ने चुनिंदा 13 थाना क्षेत्रों को अशांत क्षेत्र के दर्ज से बाहर रखा है। ये 13 थाना क्षेत्र राज्य के पांच जिलों में आते हैं। इम्फाल पश्चिम जिले के इम्फाल, लाम्फेल, सिटी, सिंगजामेई, पाटसोई और वांगोई थाना क्षेत्र अशांत क्षेत्र के अंतर्गत नहीं रहेंगे। इम्फाल पूर्व जिले के पोरोम्पैट, हिंगांग, इरिलबंग थाना क्षेत्र इससे बाहर रहेंगे। इसके अलावा थौबल जिले का थौबल थाना, बिष्णुपुर का बिष्णुपुर और नामबोल थाना, काकचिंग का काकचिंग थाना इस दर्जे के अंतर्गत नहीं आएंगे।

इस कानून के तहत क्या होता है?

AFSPA लागू होने के बाद सशस्त्र बलों को उस क्षेत्र में विशेष अधिकार, जैसे कि बिना वारंट गिरफ्तारी, तलाशी और कुछ स्थितियों में गोली चलाने का अधिकार मिलता है। किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के किसी हिस्से या पूरे क्षेत्र को नागरिक प्रशासन की मदद के लिए सशस्त्र बलों की आवश्यकता होती है, तो उसे 'अशांत या खतरनाक स्थिति' में माना जाता है। ऐसी स्थिति में राज्यपाल या केंद्र सरकार उसे 'अशांत क्षेत्र' (disturbed area) घोषित कर सकती है। यह घोषणा आधिकारिक राजपत्र (Official Gazette) में प्रकाशित एक अधिसूचना के जरिए की जाती है।

फिर से भड़की हिंसा के बाद लिया फैसला

यह फैसला मणिपुर में फिर से भड़की हिंसा के बाद आया है। शुक्रवार को कामजोंग जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। उनके शव म्यांमार सीमा के पास सुदूर पिलोंग गांव में एक एकांत जगह पर मिले हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पड़ोसी म्यांमार से आए उग्रवादियों ने गुरुवार को भारत की सीमा में घुसकर पांच ग्रामीणों के एक समूह पर घात लगाकर हमला किया। उनमें से एक ग्रामीण किसी तरह भागने में सफल रहा और उसने स्थानीय अधिकारियों को सूचित किया।

Updated on:
25 Sept 2026 07:47 pm
Published on:
25 Sept 2026 06:52 pm