
Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज अपने मासिक रेडियो शो 'मन की बात' के 102वें संस्करण (Mann Ki Baat) के जरिए देश को संबोधित कर रहे हैं। वैसे तो मन की बात का यह कार्यक्रम हर महीने के आखिरी रविवार को आयोजित होता है। लेकिन पीएम मोदी 21 से 24 जून तक अमेरिका की राजकीय यात्रा पर जाने वाले हैंं। ऐसे में मासिक रेडियो शो को इस महीने थोड़ा पहले प्रसारित किया जा रहा है। जाहिर है कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) और प्रथम महिला जिल बाइडेन एक राजकीय रात्रिभोज में पीएम मोदी की मेजबानी करेंगे।
1. प्रधानमंत्री ने खुद बताया कारण
पीएम मोदी ने कहा, 'आमतौर पर 'मन की बात' हर महीने के आखिरी रविवार को आपके पास आती है, लेकिन इस बार यह एक हफ्ते पहले हो रही है।' पीएम ने आगे कहा कि 'आप सभी जानते हैं, मैं अगले हफ्ते अमेरिका में रहूंगा और वहां कार्यक्रम काफी व्यस्त होने वाला है, और इसलिए मैंने सोचा कि मैं जाने से पहले आपसे बात कर लूं, इससे बेहतर क्या हो सकता है।'
2. कच्छ के लोगों ने दिखाया साहस
मन की बात कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने तूफान बिपरजॉय का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभी दो-तीन दिन पहले हमने देखा कि देश के पश्चिमी हिस्से में कितना बड़ा चक्रवात आया… तेज हवाएं, भारी बारिश। लेकिन गुजरात के कच्छ के लोगों ने जिस साहस और तैयारी के साथ इतने खतरनाक चक्रवात का मुकाबला किया, वह भी उतना ही अभूतपूर्व है। उन्होंने दिखा दिया कि उनकी हिम्मत के आगे कोई नहीं टिक सकता। तूफान बिपरजॉय को हराने में भी इन लोगों का हौंसला काम आया। उन्होंने कहा कि चक्रवाती तूफान ने भारी तबाही मचाई है
3. कच्छ के लोगों ने दिखाया साहस
मन की बात कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने तूफान बिपरजॉय का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभी दो-तीन दिन पहले हमने देखा कि देश के पश्चिमी हिस्से में कितना बड़ा चक्रवात आया… तेज हवाएं, भारी बारिश। गुजरात के कच्छ के लोगों ने दिखा दिया कि उनकी हिम्मत के आगे कोई नहीं टिक सकता। तूफान बिपरजॉय को हराने में भी इन लोगों का हौंसला काम आया।
4. Catch the Rain जैसे अभियान का प्रयास
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि आजकल मानसून के समय में तो इस दिशा में हमारी ज़िम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इसलिए ही आज देश 'Catch the Rain' जैसे अभियानों के जरिए सामूहिक प्रयास कर रहा है। बड़े से बड़ा लक्ष्य हो, कठिन चुनौती हो, भारत के लोगों का सामूहिक बल और शक्ति हर चुनौती का हल निकाल देता है।
5. इमरजेंसी को लेकर इंदिरा सरकार पर बरसे
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में इंदिरा सरकार के दौरान देश में लगाई गई इमरजेंसी को भी याद किया। पीएम ने कहा 'हम 25 जून को नहीं भूल सकते, जिस दिन आपातकाल लगाया गया था। यह भारत के इतिहास का एक काला काल था। लाखों लोगों ने अपनी पूरी ताकत से आपातकाल का विरोध किया। उस दौर में लोकतंत्र के समर्थकों पर इतना अत्याचार किया गया था कि आज भी मन कांप उठता है। आज जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हैं तो हमें ऐसे अपराधों को भी देखना चाहिए। यह युवा पीढ़ी को लोकतंत्र का अर्थ और महत्व सिखाएगा।'
6. 2025 तक टीबी मुक्त भारत का संकल्प
पीएम मोदी ने कहा, 'भारत ने संकल्प किया है कि 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बना दिया जाएगा। लक्ष्य बहुत बड़ा ज़रूर है। एक समय था जब टीबी का पता चलने के बाद परिवार के लोग ही दूर हो जाते थे, लेकिन ये आज का समय है, जब टीबी के मरीज को परिवार का सदस्य बनाकर उनकी मदद की जा रही है।
7. योग दिवस का किया जिक्र
पीएम मोदी ने मन की बात में योग दिवस का जिक्र किया। उन्होंने योग दिवस पर लोगों से जुड़ने का आग्रह किया और कहा कि योग को अपने जीवन में जरूर अपनाएं और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। पीएम ने कहा कि अगर अभी तक आप योग से नहीं जुड़े हैं, तो आने वाले 30 जून को इससे जोड़ने का बेहतरीन मौका है।
8. भारत के आपदा प्रबंधन की तारीफ की
पीएम मोदी ने भारत के आपदा प्रबंधन की तारीफ करते हुए कहा कि बीते वर्षों में भारत ने आपदा प्रबंधन की जो ताकत विकसित की है, वो आज एक उदाहरण बन रही है। प्राकृतिक आपदाओं से मुकाबला करने का एक बड़ा तरीका है- प्रकृति का संरक्षण।
9. छत्रपति शिवाजी महाराज को किया याद
मन की बात कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता के साथ ही उनकी गवर्नेंस और उनके प्रबंध कौशल से भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है। विशेषकर जल-प्रबंधन और नौसेना को लेकर छत्रपति शिवाजी महाराज ने जो कार्य किए, वो आज भी भारतीय इतिहास का गौरव बढ़ाते हैं। पीएम ने कहा कि हम सब का कर्तव्य है कि हम शिवाजी महाराज के प्रबंध कौशल को जाने और उनसे सीखे।
बता दें कि प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए दुनिया की कई ऐसी शख्सियतों को दिखाया गया, जिन्होंने अपने क्षेत्र में विशेष योगदान दिया, लेकिन उनके योगदान का देश को पता नहीं चला। कार्यक्रम के जरिए इन लोगों को सम्मान दिया गया और इतना ही नहीं उनकी प्रेरणा से लोग आगे भी बढ़ रहे हैं।
यह भी पढ़े - अब किसी दूसरे काम में नहीं लगेगी टीचर्स की ड्यूटी, CM का सख्त निर्देश