
PM Modi: कनाडा और भारत की दोस्ती पटरी पर लौटने लगी है। जस्टिन ट्रूडो के समय भारत और कनाडा के रिश्ते तल्ख हो गए थे। उन्होंने भारत पर कनाडा में खालिस्तानी उग्रवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले में भारतीय राजनयिक को पर्सोना नॉन ग्राटा भी घोषित कर दिया था। इसके बाद भारत ने भी नई दिल्ली स्थित कनाडा दूतावास से राजनयिकों की संख्या घटाने को कहा था। पर अब दोनों देशों के बीच रिश्ते फिर से सुधरने लगे हैं। मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद गर्मजोशी दिखने लगी है।
अमेरिका में आयोजित होने वाले आगामी G20 शिखर सम्मेलन के सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में कनाडा की यात्रा पर रहेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान दोनों देश बहुप्रतीक्षित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को अंतिम रूप दे सकते हैं।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया अकाउंट 'X' पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि भारत और कनाडा मिलकर एक अधिक स्थिर, सुरक्षित और समृद्ध दुनिया के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
फिलहाल कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और विदेश मंत्री अनीता आनंद भारत के दौरे पर हैं। मनिंदर सिद्धू के नेतृत्व में भारत आया 'टीम कनाडा ट्रेड मिशन' दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में नए रास्ते तलाश रहा है। कनाडाई सरकार ने भी इस बात की खुशी जताई है कि पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच डिफेंस, फाइनेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे सेक्टर में आपसी मेलजोल काफी बढ़ा है।
दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने पिछले एक साल में वित्त, रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में हुए प्रगतिशील सुधारों का स्वागत किया। इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) स्तर पर हुई हालिया वार्ता ने दोनों देशों के कानून प्रवर्तन तंत्र को और अधिक मजबूत किया है। कनाडाई प्रधानमंत्री कार्नी ने वैश्विक मंचों पर शांति बनाए रखने और रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व और वैश्विक प्रयासों की खुलकर सराहना की।