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TMC नेता शताब्दी रॉय के घर बागी सांसदों की मीटिंग, शुभेन्दु अधिकारी के साथ कई सांसद मौजूद, काकोली घोष बोलीं-‘पिछले 3-4 सालों में माहौल हुआ खराब’

TMC में बगावत की अटकलें तेज हैं। कई सांसद बीजेपी के संपर्क में हैं और सीएम शुभेन्दु अधिकारी के साथ मीटिंग में शामिल हैं। कीर्ति आजाद ने 12 बागी सांसदों के नाम गिनाए हैं। वहीं काकोली घोष ने बंगाल में विकास, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

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Jun 08, 2026
Suvendu Adhikari in delhi
शुभेन्दु अधिकारी(फोटो-IANS)

TMC सांसदों में अब बड़ी फूट पड़ने की आशंका है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तकरीबन 20 सांसद पार्टी छोड़कर बीजेपी के साथ जा सकते हैं। सभी बागी सांसद टीएमसी नेता शताब्दी रॉय के घर इक्कठा हो रहे हैं। इस मीटिंग में खुद सीएम शुभेन्दु अधिकारी भी मौजूद हैं। कई सांसद शताब्दी रॉय के घर जाते हुए कैमरे में भी कैद हुए हैं। इनमें एमपी जून मालियह, बापी हलदार, अबू ताहिर खान और असित कुमार मल जैसे सांसद शामिल हैं।

TMC कीर्ति आजाद ने बताये बागी सांसदों के नाम


TMC के वरिष्ठ सांसद कीर्ति आजाद ने एक बड़ा दावा कर दिया है। एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी के 12 सांसदों ने दिल्ली में भाजपा नेताओं के साथ बैठक की थी। कीर्ति आजाद के अनुसार, जिन सांसदों के नाम इस बैठक से जुड़े बताए जा रहे हैं, उनमें काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, अबू ताहेर खान, अरूप चक्रवर्ती, खलीलुर रहमान, शर्मिला सरकार, रचना बनर्जी, असीत कुमार माल, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, कालीपदा सोरेन, प्रसून बनर्जी और पार्थ भौमिक शामिल हैं।

मुश्किल समय में पार्टी का साथ नहीं छोडूंगा-कुनाल घोष


पार्टी के कुछ सांसदों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच TMC विधायक कुनाल घोष ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है। कुनाल घोष ने अपने पोस्ट में उन नेताओं पर निशाना साधा, जिन पर मुश्किल समय में पार्टी का साथ छोड़ने के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने लिखा कि भले ही लोग उन्हें अलग-अलग नजरिए से देखते हों, लेकिन वे ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो संकट के समय अपनी टीम को छोड़कर चले जाएं। उन्होंने साफ कहा कि जब पार्टी चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है, तब वे उसके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि उनके खून में विश्वासघात नहीं है और वे हमेशा 'दीदी' के साथ रहेंगे।

काकोली घोष ने क्या कहा?


लोकसभा सांसद काकोली घोष ने कहा कि हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, और मैं 40 साल से ममता बनर्जी के साथ रही हूं। वह मेरी गाइड, मेरी मेंटर और मेरी नेता रही हैं, और मैं उनके साथ तब भी रही हूंजब वह सत्ता में नहीं थीं। मैंने 2009 से पहले पांच चुनाव लड़े और हारी भी हूं। इसलिए यह कहना बेकार है कि सिर्फ इसलिए कि वह पश्चिम बंगाल में सत्ता में नहीं हैं, मैंने उन्हें छोड़ दिया। ऐसा नहीं है। मैं उनके साथ तब भी थी जब वह सत्ता में नहीं थीं। लेकिन उस समय, एक ऐसी पॉलिसी थी जो पश्चिम बंगाल राज्य के गरीब लोगों के भले के लिए थी। आगे उन्होंने कहा कि लेकिन पिछले 3-4 सालों में, काम उम्मीद के मुताबिक नहीं हुआ है। विकास का काम भी उम्मीद के मुताबिक नहीं हुआ है।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत सारी वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई हैं जो आज साबित हो रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, फिल्म इंडस्ट्री जैसे अलग-अलग सेक्टर पूरी तरह से ठप हो गए हैं, कानून-व्यवस्था ठीक नहीं रही, सरकारी अधिकारियों पर कुछ नेताओं की मनमर्जी के हिसाब से काम करने का बहुत ज्यादा दबाव था, जो किसी राज्य के विकास के लिए काम करने का अच्छा माहौल नहीं है। अब जनता के फैसले ने वह साबित कर दिया है जो मैं आपको बताने की कोशिश कर रही हूं। इसलिए हम राज्य के विकास, देश के हित और देश की सुरक्षा के लिए काम करना चाहते हैं। इसीलिए हम अलग से काम करना चाहते हैं।

Updated on:
08 Jun 2026 08:47 pm
Published on:
08 Jun 2026 08:23 pm