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संजय राउत का बड़ा दावा: पीएम मोदी फडणवीस को बनाना चाहते हैं शिक्षा मंत्री, पर महाराष्ट्र में फंसा पेंच

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। संजय राउत ने दावा किया है कि प्रल्हाद जोशी कुछ समय के लिए शिक्षा मंत्री हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असल में देवेंद्र फडणवीस को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहते हैं।
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भारत

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kamlesh sharma

Jul 26, 2026

sanjay raut and devendra fadnavis

Sanjay Raut and Devendra Fadnavis। Photo IANS

Devendra Fadnavis News : मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। संजय राउत ने दावा किया है कि प्रल्हाद जोशी कुछ समय के लिए शिक्षा मंत्री हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असल में देवेंद्र फडणवीस को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहते हैं। संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के सामने सबसे बड़ी दुविधा यह खड़ी हो गई है कि अगर देवेंद्र फडणवीस दिल्ली जाकर शिक्षा मंत्रालय संभालते हैं, तो महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा।

गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के चलते शनिवार दोपहर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया। शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार खाद्य मंत्र प्रल्हाद जोशी को सौंपा गया है।

'दिल्ली में बदलाव की तैयारी, महाराष्ट्र में फंसा पेंच'

पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता ने दावा किया कि केंद्र में मंत्रालयों के फेरबदल की पटकथा लिखी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रल्हाद जोशी सिर्फ कुछ समय के लिए ही शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पीएम मोदी की पहली पसंद देवेंद्र फडणवीस हैं। लेकिन असल पेंच महाराष्ट्र की राजनीति में अटका हुआ है, क्योंकि भाजपा यह तय नहीं कर पा रही है कि फडणवीस के दिल्ली जाने के बाद राज्य की कमान किसे सौंपी जाए।

युवाओं के आगे झुकी सरकार

शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि युवाओं की शक्ति के आगे सरकार झुक गई, जिसका नतीजा यह हुआ कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। मैं समझता हूं कि यह लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ी बात है। 12 साल से इस देश का लोकतंत्र आईसीयू में था। सांस नहीं ले पा रहा था। मौजूदा हुकूमत लगातार जनता के हितों पर कुठाराघात करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अब युवाओं ने सड़क पर आकर अपनी शक्ति का परिचय देते हुए लोकतंत्र को खड़ा करने का काम किया है।