
Metbah Lyngdoh Resigns: मेघालय की राजनीति में बड़े बदलाव के बीच यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह ने शनिवार को राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। पार्टी के 12 में से 11 विधायकों के दूसरे दल में शामिल होने के कुछ दिनों बाद उनका यह फैसला सामने आया है। लिंगदोह ने मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
लिंगदोह ने कहा कि उन्होंने राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात और पार्टी के भीतर हालिया घटनाक्रमों का आकलन करने के बाद यह फैसला लिया है। उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज किया कि उन पर इस्तीफा देने का दबाव था। उनके मुताबिक, यह उनका अपना फैसला है और उन्होंने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद इस्तीफा दिया है।
मेघालय में UDP को बड़ा झटका तब लगा, जब उसके 12 में से 11 विधायक दूसरे राजनीतिक दलों में चले गए। सितंबर में पार्टी के आठ विधायक बीजेपी में शामिल हुए थे। इसके बाद इस महीने तीन अन्य विधायकों ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) का दामन थाम लिया। मेघालय विधानसभा के स्पीकर थॉमस ए. संगमा ने तीन UDP विधायकों के NPP में विलय को औपचारिक मान्यता दे दी है। इससे पहले 16 अक्टूबर को उन्होंने पार्टी के आठ विधायकों के बीजेपी में विलय को भी मंजूरी दी थी। स्पीकर ने संविधान की दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 4 के तहत इन विलय को मान्यता दी। इसी प्रावधान के तहत विधायकों के दूसरे दल में विलय को स्वीकार किया गया।
मंत्री पद से इस्तीफे के बाद मेटबाह लिंगदोह ने कहा कि पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (Central Executive Committee) हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर विचार करेगी। इसके बाद पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों से चर्चा करके आगे की रणनीति तय की जाएगी। लिंगदोह ने स्पष्ट किया कि इस्तीफा किसी दबाव में नहीं दिया गया है। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए स्वतंत्र रूप से यह निर्णय लिया है।
विधायकों के दल बदलने और विलय को मान्यता मिलने के बाद मेघालय विधानसभा में बीजेपी की स्थिति बदल गई है। पहले पार्टी के पास दो विधायक थे। UDP के आठ विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद उसकी संख्या बढ़कर 10 हो गई है।