
मंगलवार को केंद्र सरकार व तीनों सेनाओं के प्रमुख ने अग्निपथ योजना का ऐलान किया। इसके तहत सेना में नौजवानों की अग्निवीर के रूप में भर्ती होगी। ये भर्ती शॉर्ट टर्म के लिए होगी और इस दौरान अग्निवीरों को खास तरह की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। 4 साल पूरा होने के बाद सेना उन्हें रोजगार दिलाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। इस बीच गृह मंत्रालय ने सेना में 4 साल तक सेना में अपनी सेवा देने वाले अग्निवीरों के लिए बड़ी घोषणा की है। इस घोषणा के तहत अब अग्निवीरों को अर्धसैनिक बलों और असम राइफल्स में नौकरी के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
गृह मंत्रालय ने ट्वीट कर लिखा, "अग्निपथ योजना युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पीएम मोदी का एक दूरदर्शी व स्वागत योग्य निर्णय है। इसी संदर्भ में आज गृह मंत्रालय ने इस योजना में 4 साल पूरा करने वाले अग्निवीरों को CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।" इससे स्पष्ट है कि अग्निवीरों को अब 4 साल तक सेना में सेवा देने के बाद एक बड़ा अवसर मिलेगा देश की सेवा करने के लिए।
अपने अगले ट्वीट में गृह मंत्रालय ने लिखा, "प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय के इस निर्णय से ‘अग्निपथ योजना’ से प्रशिक्षित युवा आगे भी देश की सेवा और सुरक्षा में अपना योगदान दे पायेंगे। इस निर्णय पर विस्तृत योजना बनाने का काम शुरू हो गया है।"
रक्षा मंत्री ने की थी घोषणा
बता दें कि मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस में अग्निपथ योजना की घोषणा की थी। इसके तहत तीनों सेनाओं में तीन चरण में भर्ती की जाएगी। इस साल सरकार ने 46 हजार अग्निवीरों की भर्ती का लक्ष्य रखा है। ये भर्ती 4 साल के लिए की जाएगी इसके बाद केवल 25 फीसदी अग्निवीरों को स्थाई कर दिया जाएगा।
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