खाड़ी और पश्चिम एशिया में तनाव के बीच 28 फरवरी से अब तक 13 लाख से अधिक भारतीय भारत लौटे हैं। विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा और सहायता के लिए कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन और दूतावासों को सक्रिय रखा है। उड़ानों की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, जबकि ईरान को लेकर सतर्कता जारी है।
Middle East Crisis: खाड़ी और पश्चिम एशिया में बदलते हालात के बीच भारत सरकार भी लगातार इस मामले पर नजर बनाई हुई है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि 28 फरवरी के बाद से अब तक 13.19 लाख से ज्यादा लोग इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं। विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (गल्प) असीम आर महाजन ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि सरकार की प्राथमिकता साफ है, विदेश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और भलाई। इसके लिए मंत्रालय लगातार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संपर्क में है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने अपनी तैयारी और मजबूत कर ली है। दिल्ली में एक खास कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है, जहां से लोगों के सवालों का जवाब दिया जा रहा है। वहीं, खाड़ी और पश्चिम एशिया में मौजूद भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास भी चौबीसों घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं। ये टीमें स्थानीय सरकारों के साथ मिलकर भारतीयों की मदद में जुटी हैं। सरकार समय-समय पर एडवाइजरी भी जारी कर रही है। इसमें स्थानीय नियम, फ्लाइट की स्थिति, वीजा और अन्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी दी जा रही है। दूतावास वहां रह रहे भारतीय समुदाय, कंपनियों और संगठनों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि किसी को परेशानी न हो।
समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले भारतीयों को लेकर भी सरकार सतर्क है। महाजन ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जरूरत पड़ने पर उन्हें काउंसलर मदद दी जा रही है और वापस भारत लाने की प्रक्रिया में भी सहायता दी जा रही है। अगर उड़ानों की बात करें तो स्थिति में धीरे-धीरे सुधार दिख रहा है। यूएई से भारत के बीच करीब 105 उड़ानें चली है। सऊदी अरब और ओमान से भी फ्लाइट्स अलग-अलग शहरों के लिए संचालित हो रही हैं। कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है और वहां से कुछ उड़ानें चल रही हैं। वहीं, कुवैत और बहरीन में हवाई सेवाएं फिर से शुरू हो चुकी हैं, हालांकि अभी सीमित स्तर पर। इराक से भी कुछ उड़ानें चालू हैं, जिनके जरिए लोग दूसरे देशों के रास्ते भारत आ सकते हैं।
ईरान को लेकर सरकार ने खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहां की स्थिति को देखते हुए भारतीयों को फिलहाल यात्रा से बचने के लिए कहा गया है। जो लोग पहले से वहां मौजूद हैं, उन्हें जमीनी रास्तों से बाहर निकालने में मदद की जा रही है। अब तक तेहरान स्थित भारतीय दूतावास करीब 2,461 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल चुका है। इजराइल में भी सीमित उड़ान सेवाएं फिर से शुरू हुई हैं, जिससे भारत लौटने के विकल्प धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं।