राष्ट्रीय

Bengal Bypoll 2026: राहुल गांधी के डर से मिलन प्रधान को किया था गिरफ्तार, कांग्रेस प्रत्याशी को जमानत मिलने पर बोले अध्यक्ष शुभंकर सरकार

पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने मिलन प्रधान को अंतरिम जमानत मिलने का स्वागत करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस उम्मीदवार बनने के बाद उन्हें पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि अब मिलन प्रधान चुनाव प्रचार कर सकेंगे और मतदान स्वतंत्र व निष्पक्ष होगा।
2 min read
• •
Sep 29, 2026
Shubhankar Sarkar Milan Pradhan
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार (Photo-IANS)

Bengal Bypoll 2026: नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को अंतरिम जमानत मिलने पर पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि 2007 से चले आ रहे इस मामले में कांग्रेस पार्टी ने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। जैसे ही मिलन प्रधान कांग्रेस के उम्मीदवार बने, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इतने वर्षों तक यह मामला कहां था? मिलन प्रधान कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। पूरे देश में राहुल गांधी का इतना डर है कि उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार ने उनकी जमानत रोकने की कोशिश में लाखों रुपये खर्च किए।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब वह चुनाव प्रचार कर सकेंगे, हालांकि समय बहुत कम बचा है। नंदीग्राम और रेजीनगर में मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त होगा, और मिलन प्रधान को कोई हरा नहीं सकता। नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने दी जमानत

बता दें कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने कांग्रेस के नंदीग्राम उपचुनाव उम्मीदवार मिलन प्रधान को तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने उन्हें 21 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

जस्टिस तीर्थंकर घोष ने प्रधान की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिका में चुनाव लड़ने और प्रचार अभियान में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की गई थी।

नामांकन दाखिल करने के बाद हुई गिरफ्तारी पर कोर्ट की टिप्पणी

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान गौर किया कि मिलन प्रधान ने जब अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था, तब वह हिरासत में नहीं थे। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की ओर से ऐसा कोई ठोस material पेश नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो कि 2007 के बाद किसी अपराध के सिलसिले में प्रधान पुलिस को वांछित थे।

मामले की पृष्ठभूमि 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़ी है। कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि जिन घटनाओं के आधार पर मामले दर्ज हुए थे, उनकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर चुकी है।

19 साल पुराने मामलों में अब गिरफ्तारी पर सवाल

हाईकोर्ट ने कहा कि मिलन प्रधान एक राजनीतिक कार्यकर्ता रहे हैं और उन्होंने 2007 के नंदीग्राम आंदोलन में हिस्सा लिया था। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य की ओर से जिन मामलों का हवाला दिया गया, उनमें किसी अन्य व्यक्ति को नामांकन दाखिल करने के बाद गिरफ्तार नहीं किया गया था।

कोर्ट ने यह सवाल भी उठाया कि करीब 19 साल पुराने मामलों में जारी वारंट को लागू करने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त समय था।

Updated on:
29 Sept 2026 01:04 pm
Published on:
29 Sept 2026 12:49 pm