
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर ( Jammu and Kashmiri ) में आतंकियों की ओर से मारे गए कश्मीरी पंडित ( Kashmiri Pandit ) दवाई विक्रेता मक्खन लाल बिंदरु ( Makhan lal Bindroo ) की बेटी श्रद्धा की प्रतिक्रिया सामने आई है। पिता की हत्या के बाद इस निडर बेटी ने घाटी में बेगुनाहों का खून बहा रहे कायर आतंकवादियों और पथराव करने वालों को खुली चुनौती दी है।
श्रद्धा ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि 'मैं अपने पिता की कश्मीरी हिंदू बेटी हूं। आओ और मेरा सामना करो अगर तुममें हिम्मत है।' दरअसल कश्मीर घाटी (Kashmir) में मंगलवार को एक घंटे के भीतर 3 आतंकी हमले (Terror Attack) हुए। इन हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में एक दवा विक्रेता माखन लाल बिंदरू भी शामिल हैं। इसके अलावा एक स्ट्रीट फूड विक्रेता और एक कैब ड्राइवर की भी हत्या कर दी गई।
जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu Kashmir Police) ने कहा कि कारोबारी और श्रीनगर के इकबाल पार्क में बिंदरू मेडिकेट फार्मेसी के मालिक बिंदरू को उनकी दवा की दुकान के अंदर शाम 7 बजे के करीब गोली मार दी गई। पिता की हत्या के बाद बेटी ने आतंकियों को ललकारा है।
श्रद्धा ने कहा कि मेरे पिता एक फाइटर थे। वह हमेशा कहा करते थे कि जब उनकी मौत होगी, उनके पांव में जूते होंगे। वह हिंदू हैं परंतु कुरान भी पढ़ती हैं उसमें लिखा है कि केवल शरीर मरता है आत्मा अमर है।
वह शरीर को चोले की तरह बदलती है। आतंकवादियों ने जिस बिंदरु को मारा वह केवल शरीर था, उनकी पवित्र आत्मा आज भी उनके साथ है। मैं उसी बिंदरू की बेटी हूं, मैं यहां खड़ी हूं, जिस किसी में भी हिम्मत है, मेरे सामने आए और मुझसे बात करे। मैं उसका जवाब दूंगी।'
आंसू बहाते हुए पिता को बिदा नहीं करूंगी
श्रद्धा बिंदरू ने पिता के अंतिम संस्कार से पहले पत्रकारों से जिस बेबाकी से बात की। कश्मीरी पंडित बेटी की इस बहादुरी को हर किसी ने सराहा।
श्रद्धा ने कहा कि आतंकी अगर सोचते हैं कि उन्होंने कश्मीरी पंडित को मारकर उनके परिवार को डरा दिया है तो वे गलत हैं। उनके पिता ने जो शिक्षा और संस्कार दिए हैं, वह उन्हें झुकने नहीं देंगे। वह अपने पिता को आंसू बहाते हुए विदा नहीं करेंगी।
श्रद्धा ने कहा, मेरे पिता ने उस दौरान भी कश्मीर को नहीं छोड़ा जब बाकी पलायन कर गए थे। वह और उनका भाई अपने स्कूल कालेजों में अकेले हिंदू थे, जो बेबाकी से पढ़ाई करने के लिए जाया करते थे। हमें गर्व है कि मेरे पिता ने हमें अच्छी शिक्षा दी।
पत्थ और बंदूक से नहीं शिक्षा से लड़ें
श्रद्धा बिंदरू ने आतंकवादियों से कहा कि वे पत्थरों और बंदूकों के बजाय शिक्षा से लड़ें। "वह कौन है जिसने मेरे पिता को मार डाला, मेरे सामने आओ, तुम्हारे पास कुछ शिक्षा है?
मेरे पिता ने मुझे शिक्षा दी, राजनेताओं ने आपको बंदूकें और पत्थर दिए, आप बंदूक और पत्थरों से लड़ना चाहते हैं। आपको यह समझना होगा कि आपका इस्तेमाल किया जा रहा है।
अगर कश्मीर के लिए बेहतरी चाहते हो तो सामने आओ और शिक्षा से लड़ो।
फारूक अब्दुल्ला ने की परिवार से मुलाकात
बिंदरु की हत्या के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस चीफ फारूक अब्दुल्ला बुधवार को बिंदरु के परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। फारूक ने माखन लाल बिंदरू की हत्या पर शोक व्यक्त किया और परिवार को ढांढस बंधाया।