राष्ट्रीय

Madrasa Shutdown: बंगाल में 252 मदरसों पर कार्रवाई के समर्थन में उतरे मिथुन चक्रवर्ती, बोले- फंडिंग की जांच जरूरी

Madrasa Notice: पश्चिम बंगाल में बिना मंजूरी चल रहे मदरसों पर सरकार की कार्रवाई का मिथुन चक्रवर्ती ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की फंडिंग और उसके इस्तेमाल की सख्ती से जांच जरूरी है।
2 min read
mithun chakraborty on Madrasa Shutdown
मिथुन चक्रवर्ती (फोटो- IANS)

West Bengal Madrasa: पश्चिम बंगाल में बिना मंजूरी और बिना मान्यता चल रहे मदरसों पर सरकार की कार्रवाई के समर्थन में मिथुन चक्रवर्ती का बयान सामने आया है। अभिनेता से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि इन मदरसों को पैसा कहां से मिल रहा है और उसका इस्तेमाल किस काम में हो रहा है, इसकी सख्ती से जांच करना जरूरी है। मिथुन ने इसे देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया। साथ ही बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी सरकार की कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में कट्टरपंथ बढ़ना चिंता का संकेत है। उनके मुताबिक, मदरसा शिक्षा की आड़ में होने वाली राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

फंडिंग की जांच जरूरी

मिथुन ने कहा कि जब मदरसों की बात होती है तो यह भी देखना जरूरी है कि इन्हें कौन फंड कर रहा है और कौन चला रहा है। उन्होंने कहा कि यह जांचना जरूरी है कि पैसा सही काम के लिए इस्तेमाल हो रहा है या गलत काम के लिए। मिथुन के मुताबिक, देश की सुरक्षा के लिए इस मामले पर बहुत ध्यान देना और सख्ती से जांच करना जरूरी है।

मिथुन ने यह भी कहा कि पिछली सरकारों के समय इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया था। उन्होंने कहा कि अब इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है। मिथुन जल्द ही सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार में सांस्कृतिक सलाहकार की भूमिका संभालने वाले हैं।

252 मदरसों को बंद करने का नोटिस

मिथुन चक्रवर्ती का यह बयान पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से 252 बिना मंजूरी वाले मदरसों को बंद करने का नोटिस दिए जाने के एक दिन बाद आया है। इसके अलावा 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सरकार राज्य में चल रहे इस्लामिक शिक्षण संस्थानों की समीक्षा कर रही है।

मान्यता नहीं तो बंद होंगे मदरसे

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री खुदीराम टुडू के अनुसार, कारण बताओ नोटिस पाने वाले मदरसों को वैध अनुमति दिखानी होगी। ऐसा नहीं करने पर उन्हें बंद कर दिया जाएगा। विभाग ने कोलकाता समेत 22 जिलों में सर्वे भी कराया था। इसमें मदरसा प्रबंधन, छात्रों का नामांकन, फंडिंग के स्रोत और पंजीकरण की स्थिति की जांच की गई।

इन जिलों में सबसे ज्यादा मदरसे

रिपोर्ट के मुताबिक, बंद करने के नोटिस वाले 252 मदरसों में ज्यादातर खारिजी संप्रदाय से जुड़े हैं। इनमें मालदा में 44, उत्तर दिनाजपुर में 37, दक्षिण 24 परगना में 32 और नदिया व मुर्शिदाबाद में 25-25 मदरसे शामिल हैं।

Updated on:
14 Sept 2026 09:02 pm
Published on:
14 Sept 2026 09:02 pm