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‘उपेंद्र कुशवाह ने उठाया आत्मघाती कदम,’ यह क्या बोल गए मंत्री; पार्टी के मुखिया पर ही लगाया गंभीर आरोप

MLA Madhav on Upendra Kushwaha: उपेंद्र कुशवाह परिवार से मोह के चलते अपनी ही पार्टी के नेताओं के द्वारा टार्गेट किए जा रहे हैं। हाल ही में कुशवाह ने अपने बेटे को बिना चुनाव लड़े ही मंत्री बना दिया। इसके बाद पार्टी के नेता भड़क गए और पार्टी मुखिया को बड़ा संदेश दे दिया।
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Dec 27, 2025
Upendra Kushwaha
कुशवाह के फैसले के बाद विधायक विरोधी तेवर में नजर आ रहे हैं। (Photo-IANS)

Upendra Kushwaha Controversy: राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) पार्टी के सामने बड़ा संकट खड़ा होते दिख रहा है। हाल ही में उपेंद्र कुशवाह ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को बिहार सरकार में मंत्री बनाया है। कुशवाह के इस फैसले ने पार्टी में नाराजगी पैदा कर दी है। पार्टी के 3 विधायकों ने इस फैसले की आलोचना की है। साथ ही पार्टी के विधायक माधव आनंद ने कुशवाह पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कुशवाह के लिए कहा है कि पार्टी के मुखिया परिवारवाद के खिलाफ थे, लेकिन उनके इस फैसले से लगता है कि वह खुद भी इसका शिकार होते जा रहे हैं।

बता दें कि उपेंद्र कुशवाह पहले नीतीश कुमार की पार्टी JDU में शामिल थे। इसके बाद उन्होंने अलग होकर अपनी पार्टी बनाई। हालांकि वर्तमान में RLM पार्टी NDA की सदस्य है। विधानसभा चुनाव 2025 में आरएलएम के 4 विधायक चुन कर आए थे, लेकिन अब पार्टी के 3 विधायक, कुशवाह के फैसले के बाद, विरोधी तेवर में नजर आ रहे हैं।

आत्मघाती कदम उठाया- माधव आनंद

माधव आनंद बिहार की मधुबनी विधानसभा सीट से RLM पार्टी के विधायक हैं। माधव आनंद ने कुशवाह के फैसले के बाद प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि केवल वह ही नहीं बल्कि 2 और विधायक भी दीपक प्रकाश को बिहार सरकार में मंत्री बनाने से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी कहा है कि उपेंद्र कुशवाह ने अपने बेटे को मंत्री बनाकर एक आत्मघाती कदम उठाया है। उन्हें यह नहीं करना चाहिए था।

साथ ही उन्होंने कुशवाह के परिवारवाद पर भी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि उपेन्द्र कुशवाहा अक्सर राजनीति में परिवारवाद के खिलाफ बोलते आए हैं। फिर भी उन्होंने यह कदम उठाया। परिवारवाद की राजनीति के खिलाफ होने के बावजूद उन्होंने अपने बेटे को मंत्री बनाया। इसने पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी निराशा भर दी है।

विरोध के बाद भी फैसले को सही ठहराया

उपेंद्र कुशवाह के बेटे दीपक प्रकाश ने कभी भी चुनाव नहीं लड़ा है। इसके बाद भी उन्हें बिहार सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इस फैसले से पार्टी के नेताओं में नाराजगी पैदा हो गई। इसके बाद भी कुशवाह ने इसका बचाव किया और कहा कि पार्टी को टूटने से बचाने के लिए, साथ ही भविष्य की चिंताओं को दूर करने के लिए, ऐसा करना जरूरी था। उनके इस बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया, और विधायकों का मानना है कि उपेंद्र कुशवाहा के तर्कों ने पार्टी के प्रति बाकी विधायकों की निष्ठा पर भी सवाल खड़े किए हैं।

आयोजन में शामिल नहीं हुए विधायक

माना जा रहा है कि विधायकों की नाराजगी तब सामने आई, जब कुशवाह के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में तीनों विधायक शामिल नहीं हुए। दरअसल उपेंद्र कुशवाहा ने कुछ दिनों पहले लिट्टी चोखा का भोज रखा था। तीनों विधायक पटना में होने के बावजूद भोज में शामिल नहीं हुए थे। हालांकि इस पर माधव आनंद ने कहा कि मेरी तबीयत थोड़ी खराब थी, इसलिए मैं भोज में शामिल नहीं हो पाया।

कुशवाह की पत्नी भी है विधायक

कुशवाहा की पार्टी के फिलहाल 4 विधायक हैं, जिनमें उनकी पत्नी भी शामिल हैं, जबकि उनका बेटा दीपक प्रकाश विधायक नहीं होने के बावजूद मंत्री बनाया गया है। उम्मीद की जा रही है कि दीपक को MLC बनाया जाएगा। कुशवाहा की पत्नी के अलावा नाराज होने वाले विधायकों में माधव आनंद, रामेश्वर महतो और अनिल कुमार सिंह शामिल हैं।

बता दें कि तीनों विधायकों के BJP में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। तीनों विधायक, कुशवाह द्वारा आयोजित भोज वाले दिन, पटना में ही BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मिले थे।

Updated on:
27 Dec 2025 09:25 pm
Published on:
27 Dec 2025 09:25 pm
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