राष्ट्रीय

‘स्विट्जरलैंड-सिंगापुर में कोई माइंस नहीं, फिर भी सबसे अमीर’, खनन बिल के विरोध पर निशिकांत दुबे ने JMM-कांग्रेस को घेरा

Nishikant Dubey: झारखंड में MMDR संशोधन कानून को लेकर BJP और JMM के बीच राजनीतिक विवाद चल रहा है। गोड्डा से BJP सांसद निशिकांत दुबे ने इस कानून का विरोध करने पर JMM और कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि किसी राज्य की समृद्धि सिर्फ़ माइनिंग पर निर्भर नहीं करती। वहीं, JMM के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद कुमार पांडे ने झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकारों की बात उठाई।
2 min read
Sep 21, 2026
Nishikant Dubey
निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर साधा निशाना (Photo-IANS)

MMDR Amendment Bill: झारखंड में 'माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल' को लेकर सियासी खींचतान तेज हो गई है। गोड्डा से बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के गठबंधन पर निशाना साधा। दुनिया भर के उदाहरण देते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि कोई राज्य खदानों से नहीं, बल्कि सही सोच से तरक्की करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी इसलिए परेशान है क्योंकि उनकी अवैध कमाई का जरिया बंद हो गया है। वहीं, JMM के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद कुमार पांडे ने इस मुद्दे पर कहा कि झारखंड की जमीन बीजेपी की निजी जागीर नहीं है और राज्य के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर सबसे पहला हक झारखंड के लोगों का है।

स्विट्जरलैंड-सिंगापुर में कोई खदान नहीं है, फिर भी वे अमीर: निशिकांत दुबे

गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा प्रति व्यक्ति आय स्विट्जरलैंड की है, वहां कोई माइंस नहीं है। सिंगापुर के पास अपार संपदा है, लेकिन वहां कोई खदान नहीं है। पेरिस और लंदन के लोग सबसे ज्यादा सुखी और संपन्न माने जाते हैं, वहां भी कोई माइंस नहीं है। खदान होने से कोई राज्य या व्यक्ति समृद्ध नहीं होता, समृद्धि सोच से आती है। इसलिए चोरी की मानसिकता बंद करनी होगी।

निशिकांत ने पूछा- गिट्टी-बालू-दारू सब बेच रहे, कोयले से क्या दिक्कत?

राज्य सरकार से सवाल करते हुए निशिकांत दुबे ने पूछा कि जब गिट्टी, मिट्टी, बालू और दारू बेचे जा रहे हैं, तो कोयले को लेकर क्या समस्या है। कोयले की जो दर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लिए होगी, वही झारखंड के लिए भी लागू होगी। अगर ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्य इसका विरोध नहीं कर रहे हैं, तो झारखंड में विरोध क्यों हो रहा है? दुबे ने दावा किया कि विरोध इसलिए हो रहा है क्योंकि केंद्र सरकार के नए नियमों ने अवैध कमाई का एक जरिया बंद कर दिया है।

झारखंड का एक-एक कोना झारखंडियों का : JMM

वहीं, MMDR संशोधन बिल को लेकर JMM के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद कुमार पांडे ने कहा कि बीजेपी नेताओं को भाषण देने से पहले झारखंड के इतिहास और संघर्षों को समझना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "झारखंड का एक-एक कोना झारखंडियों का है। इस मिट्टी में भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और दिशोम गुरु शिबू सोरेन समेत अनगिनत वीरों और क्रांतिकारियों का खून-पसीना बहा है। बाहर बैठकर झारखंड की संपदा और अधिकारों पर फैसला सुनाने वालों को संघर्ष का अपमान करने से पहले सौ बार सोचना चाहिए। भाजपा को हिम्मत कैसे हुई झारखंड को अपनी बपौती समझने की?"

यह कॉरपोरेट बनाम झारखंडियों के अधिकार की लड़ाई : JMM

विनोद कुमार पांडे ने आरोप लगाया कि बीजेपी को झारखंड के लोगों या राज्य की खनिज संपदा की कोई परवाह नहीं है, उन्हें बस केवल बड़े कॉरपोरेट घरानों के हितों की चिंता है। उन्होंने कहा कि MMDR एक्ट के बारे में गलत जानकारी फैलाने के बजाय, बीजेपी नेताओं को यह बताना चाहिए कि इस कानून को लागू करने से झारखंड के अधिकारों और राजस्व पर क्या असर पड़ेगा।

विनोद कुमार पांडे ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के सामने इस जायज मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है। JMM का आंदोलन किसी खास पार्टी के खिलाफ नहीं है, बल्कि राज्य के अधिकारों के लिए है। झारखंड के संसाधन राज्य के अपने विकास के लिए हैं, न कि कॉरपोरेट घरानों की तिजोरियां भरने के लिए।

Updated on:
21 Sept 2026 09:03 pm
Published on:
21 Sept 2026 09:01 pm