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देश के इस राज्य में जारी रहेगा मनरेगा, केंद्र की वीबी-जी-राम-जी को मानने से किया इनकार

MNREGA will continue in Telangana: तेलंगाना की कांग्रेस सराकर ने वीबी जी राम जी को मानने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस सरकार ने कहा कि केंद्र द्वारा लाया गया नया कानून गरीबों को उनके अधिकारों से वंचित कर रहा है।
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Jan 03, 2026
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मनरेगा श्रमिकों की फाइल फोटो: पत्रिका

MNREGA will continue in Telangana: तेलंगाना सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाई गई भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम (वीबीजी जी रामजीजी) को अपनाने से साफ इनकार कर दिया है। कांग्रेस की रेवंत रेड्डी की सरकार ने हात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को यथावत जारी रखने का फैसला किया है। राज्य की कांग्रेस सरकार ने कहा कि वीबीजी जी रामजी गरीबों के अधिकारों का हनन करेगा।

सीएम रेवंत ने किया प्रस्ताव पेश

तेलंगाना विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मनरेगा जारी रखने को लेकर सीएम रेवंत रेड्डी ने प्रस्ताव पेश किया, जिसे ध्वनि मत से सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। प्रस्ताव के अनुसार, नया कानून गरीबों के अधिकारों, महिला श्रमिकों के अधिकारों के विरुद्ध है और संघवाद की भावना का उल्लंघन करता है।

2005 में मनरेगा लेकर आई थी मनमोहन सरकार

कांग्रेस सरकार के प्रस्ताव में कहा गया है कि मनरेगा को 2005 में डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार द्वारा ग्रामीण गरीबों को रोजगार प्रदान करने और गरीब परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए लागू किया गया था। गरीबी, बेरोजगारी, पलायन, अकुशल श्रमिकों के शोषण और पुरुषों एवं महिलाओं के बीच वेतन असमानता को कम करने तथा समाज के सभी वर्गों के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया यह अधिनियम 2 फरवरी, 2006 को लागू हुआ।

इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वर्ष कम से कम 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करना और न्यूनतम मजदूरी प्रदान करना है। मुख्यमंत्री रेवंत ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में राज्य में इस योजना के लगभग 90 प्रतिशत लाभार्थी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग से हैं। इनमें से 62 प्रतिशत महिलाएं हैं। दलित, आदिवासी, दिव्यांगजन और सबसे पिछड़े समुदायों, जैसे आदिवासी तथा अन्य गरीब समुदायों को सबसे अधिक लाभ मिला है।

नया कानून रोजगार गारंटी को खतरे में डालता है

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि नया कानून ग्रामीण महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों के लिए रोजगार गारंटी को खतरे में डालता है, जो मुख्य रूप से इस योजना पर निर्भर हैं। पुराने रोजगार गारंटी योजना की भावना को कमजोर करने वाले प्रावधान गरीबों के लिए अभिशाप बन जाएंगे।

प्रस्ताव में कहा गया है कि नया कानून गरीबों के अधिकारों के खिलाफ है क्योंकि यह रोजगार गारंटी अधिनियम के मूल उद्देश्य को कमजोर करता है। इसने मांग के अनुसार कार्य योजना तैयार करने की प्रणाली को समाप्त कर दिया है। प्रस्ताव के अनुसार, नया कानून महिला श्रमिकों के खिलाफ है। वर्तमान में लागू मनरेगा में लगभग 62 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं। नए कानून में शामिल सीमित आवंटन प्रणाली से कार्यदिवसों की संख्या कम हो जाएगी।

Updated on:
03 Jan 2026 10:03 am
Published on:
03 Jan 2026 10:03 am