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चीन की चार कंपनियों को मोदी सरकार ने दी बड़ी छूट, गलवान की घटना के बाद बनाए नियमों का नहीं करना होगा पालन

Chinese companies India: बिजली मंत्रालय की अपील पर वित्त मंत्रालय ने चार चीनी कंपनियों को गलवान झड़प के बाद बनाए गए नियमों में छूट दी है। आखिर क्यों लिया सरकार ने ऐसा फैसला...
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Jul 04, 2026
pmmodixijinping1
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग। (फोटो- IANS)

India China trade: केंद्र की मोदी सरकार ने बिजली के क्षेत्र में महत्वपूर्ण फैसला लिया है। चीन की कुछ कंपनियों को गलवान की घटना के बाद बनाए गए नियमों में छूट दी गई है। केंद्र सराकर ने बिजली के क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण चार कंपनियों को दो साल की छूट दे दी है। अब ये कंपनियां सरकारी टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगी। मोदी सरकार ने यह फैसला उन परियोजनाओं के लिए लिया है, जिसे समय पर पूरा करना बहुत जरूरी है।

कौन-कौन सी हैं ये कंपनियां

ये चार चीनी कंपनियां हैं, TBEA एनर्जी इंडिया (चीनी कंपनी TBEA ग्रुप की पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी), नानजिंग इलेक्ट्रिक इंडिया (चीनी पावर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी नानजिंग इलेक्ट्रिक की पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी), न्यू नॉर्थईस्ट इलेक्ट्रिक इंडिया (जिसके चीनी पावर सेक्टर की कंपनियों के साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के संबंध हैं) और ताइकाई इलेक्ट्रिक (इंडिया) (चीन में हेडक्वार्टर वाली ताइकाई ग्रुप की सब्सिडियरी)।

जनवरी में मांगी विद्युत मंत्रालय ने छूट

विद्युत मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से जनवरी में ही इन कंपनियों के लिए छूट मांगी थी। इसका मकसद ट्रांसमिशन और पावर प्रोजेक्ट्स में देरी को रोकना था। इसके बाद वित्त मंत्रालय ने पब्लिक प्रोक्योरमेंट रूल्स के तहत यह छूट दी है। इससे पावर, ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल एनर्जी और इंडस्ट्रियल सेक्टर में कंपनियों के बीच मुकाबला बढ़ेगा।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 में सीमा पर हुई गलवान झड़प के बाद चीनी कंपनियों पर पॉलिटिकल और सिक्योरिटी क्लियरेंस लेना जरूरी था। अब 10% तक चाइनीज शेयरहोल्डिंग वाली कंपनियों को कुछ मामलों में ऑटोमैटिक रूट से निवेश की छूट मिल गई है। इस छूट के साथ ये कंपनियां जरूरी पावर इक्विपमेंट, हाई वोल्टेज ट्रांसफर्मर और गैस इंसुलेटेड स्विचगियर से जुड़े पब्लिक सेक्टर कॉन्ट्रेक्ट्स के लिए बोली लगा पाएंगी। इस सेक्टर में अभी घरेलू उत्पादन क्षमता सीमित है।

कांग्रेस नेता ने साधा निशाना

मोदी सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस ने निशाना साधा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार का चीन के सामने टेकने का सिलसिला जारी है। जिससे देश के उद्योगों को बड़ा नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। अरुणाचल में चीन हमें लगातार आंखें दिखा रहा है।

Published on:
04 Jul 2026 08:24 am