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गुजरात के वेरावल पोर्ट पर खतरे का सिग्नल नंबर-3, मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी

Veraval Port Danger Signal No. 3: गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के वेरावल बंदरगाह पर खतरे का सिग्नल नंबर-3 लगा दिया गया है। साथ ही प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।
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veraval port gujarat

Veraval Port Gujarat: गुजरात के तटीय इलाकों में बदलते मौसम और अरब सागर में उठती ऊंची लहरों को देखते हुए एहतियात के तौर पर गिर सोमनाथ जिले के वेरावल बंदरगाह पर डेंजर सिग्नल नंबर-3 लगा दिया गया है। तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी मछुआरों को समुद्र में न उतरने की चेतावनी दी गई है।

वेरावल में भारी बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति

गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के मुख्यालय वेरावल में मूसलाधार बारिश के बाद हालात बाढ़ जैसे हो गए हैं। शहर के निचले इलाकों के साथ-साथ प्रमुख सड़कों पर भी घुटनों तक पानी भर गया है। लगातार हो रही बारिश से गांधी चौक और उसके आसपास के मुख्य बाजार जलमग्न हो गए, जिससे पूरा इलाका दलदल में बदल गया।

बारिश शुरू होने के कुछ ही समय में गांधी चौक का नजारा किसी स्विमिंग पूल जैसा दिखाई देने लगा। मुख्य सड़कों पर तेज बहाव के साथ पानी भर जाने से नदी जैसे दृश्य देखने को मिले। जलभराव के कारण वाहन चालकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कई स्थानों पर लंबे समय तक यातायात जाम की स्थिति बनी रही।

गंभीर स्थिति के लिए स्थानीय प्रशासन पर उठाए सवाल

वेरावल में जलभराव की इस गंभीर स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि शहर में भारी बारिश के पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कई इलाकों में पानी लंबे समय तक जमा रहा। नालियों का गंदा पानी भी सड़कों पर बहता नजर आया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ।

जलभराव के बीच कुछ छोटे बच्चे गंदे पानी में खेलते और नहाते दिखाई दिए, जिसे स्वास्थ्य की दृष्टि से चिंताजनक माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं की गई, तो संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इस घटना के बाद शहर में जलनिकासी व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है नुकसान

बाजारों में जलभराव का सबसे बुरा असर स्थानीय व्यापारियों पर पड़ा है। गांधी चौक और आसपास की दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। दुकानों में रखा सामान इसकी वजह से खराब हो रहा, जिसके चलते आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों में इसको लेकर काफी गुस्सा है।