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G-7 Summit 2026: अमेरिका-भारत रिश्तों में तनाव के बीच मोदी-ट्रंप में होगी मुलाकात, क्या युद्ध में भारतीयों की मौत के मामले पर होगी बात

Modi Trump meet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात होगी। इस दौरान टैरिफ और जंग में भारतीयों की मौत के मामले पर बात होने की संभावना है।

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Jun 16, 2026
Modi Trump meet News
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप। (सांकेतिक फोटो: द वॉशिंगटन पोस्ट)

Modi Trump meet G-7 summit : पिछले साल भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बैठक होगी। मोदी अपने दो देशों के दौरे के अंतिम चरण, जी 7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मंगलवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे फ्रांस के एवियन पहुंचने वाले हैं, जहां वे जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। फरवरी 2025 में मोदी के वाशिंगटन की यात्रा के बाद यह मोदी और ट्रंप के बीच पहली मुलाकात होगी। ध्यान रहे कि मोदी दुनिया के उन पहले कुछ नेताओं में शामिल रहे, जिन्होंने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए चुने जाने के बाद उनसे मुलाकात की थी।

ओमान की खाड़ी के पास जहाजों पर हमले को लेकर भारतीयों में बहुत गुस्सा

अहम सवाल यह है कि क्या इस मीटिंग के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच चले युद्ध में भारतीयों की मौत के मामले पर बात होगी। क्यों कि इस मामले को लेकर भारतीयों में बहुत गुस्सा है। गौरतलब कि 8 से 11 जून के बीच, अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हमला किया। हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी।

भारत व यूस में टैरिफ तनाव

मोदी और ट्रंप के बीच बहुप्रतीक्षित बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा पिछले वर्ष भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत के दंडात्मक शुल्क के बाद पहली बैठक होगी, जिसमें से आधा शुल्क रूस से तेल खरीदने पर लगाया गया था। हालांकि, बाद में अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने इस शुल्क को रद्द कर दिया और दोनों देशों ने इस वर्ष फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति भी बना ली। इस बीच, भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, जो भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार लगभग 99% पूरा हो चुका है।

भारत और अमेरिका के बीच तनाव क्यों बढ़ा ?

पिछले सप्ताह खाड़ी में भारतीय नाविकों के लिए मुश्किल समय रहा, क्योंकि ओमान के तट पर पलाऊ-ध्वज वाले एमटी सेट्टेबेलो नामक जहाज पर अमेरिकी विमान द्वारा किए गए हमले के बाद भारतीयों को ले जा रहे कई जहाज आग की चपेट में आ गए, जिसके परिणामस्वरूप कम से कम तीन भारतीयों की मौत हो गई । पिछले सप्ताह अमेरिकी नौसेना की ओर से दो अन्य जहाजों, एमटी मारिवेक्स और एमटी जलवीर पर भी हमला किया गया था। इन मौतों के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी विदेश मामलों के प्रभारी जेसन मीक्स को दो बार तलब किया।

आप्रवासन अमेरिका को 'तीसरे दर्जे का देश' बना सकता है: ट्रंप

विदेश मंत्रालय ने 12 जून को एक बयान में कहा, 'ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों को ले जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना बलों की ओर से जारी हमलों के संबंध में उनके समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप पहले ही तीन भारतीयों की दुखद और टाली जा सकने वाली जान जा चुकी है।'

जयशंकर-रूबियो कॉल: पहला समन 9 जून को जारी किया गया था

खाड़ी में भारतीय नाविकों की हत्या ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो को फोन करने और जहाजों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया, उन्होंने कहा कि यह 'उचित नहीं था'। ध्यान रहे कि इस मामले में पहला समन 9 जून को जारी किया गया था।