
Russia-Ukraine war: दिल्ली में चल रहे 18 वें BRICS समिट के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने रूस-यूक्रेन यु्द्ध के मुद्दे को सुलझाने में मदद की पेशकश की। इस बात की जानकारी रविवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने दी। उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि पुतिन ने उनकी इस पेशकश का स्वागत किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता कराने की कोशिश कर रहे हैं। यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बताया पुतिन की प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई द्विपक्षीय बैठकों में दोनों नेताओं ने यूक्रेन युद्ध का समाधान खोजने में गहरी दिलचस्पी दिखाई। पेसकोव ने कहा कि दोनों नेताओं ने संकट का समाधान खोजने में मदद के लिए अपनी सेवाएं सक्रिय रूप से पेश कीं। राष्ट्रपति पुतिन ने उनकी इस इच्छा का स्वागत किया। हालांकि, उनके इस बयान में अन्य कोई जानकारी नहीं दी गई है।
BRICS समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने द्विपक्षीय बैठक की थी। दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। बैठक में Programme for Economic Cooperation 2030 को लागू करने पर भी बातचीत हुई। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, रक्षा और संस्कृति समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की दो हफ्ते से भी कम समय में यह दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले दोनों नेता 31 अगस्त को बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के दौरान मिले थे। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि बिश्केक में हुई मुलाकात के दो हफ्ते से भी कम समय बाद दिल्ली में राष्ट्रपति पुतिन से मिलकर खुशी हुई। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने व्यापारिक संबंधों और कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की।