Heatwave Alert: भारतीय मौसम विभाग ने हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले सात दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम है।
IMD Heatwave Alert: उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में सूरज आग बरसा रहा है और लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। गर्म हवाओं और लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हालात को देखते हुए हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले सात दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम है।
दूसरी ओर देश के कुछ हिस्सों में मौसम बिल्कुल उल्टा रहने वाला है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों जैसे असम, मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में 21 से 26 मई के बीच भारी बारिश का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश में बुधवार को सारा दिन आसमान से आग बरसती रही। प्रचंड गर्मी और लू के चलते लोगबाग सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक घरों और दफ्तरों में कैद होकर रह गये। इस दरम्यान सड़कों पर आमतौर पर सन्नाटा पसरा रहा और वाहनों की आवाजाही काफी कम रही।
मौसम विभाग ने समूचे उत्तर प्रदेश में कम से कम अगले तीन दिनो तक रेड अलर्ट जारी किया है, इसके साथ ही रात में भी तापमान बढ़ने और लू चलने के आसार व्यक्त किये गये है। बांदा लगातार चौथे दिन देश का सबसे गर्म जिला रहा जहां अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। प्रदेश के अधिसंख्य जिलों में पारा आमतौर पर सामान्य से चार डिग्री अधिक दर्ज किया गया। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 46.4, हमीरपुर में 46.2 डिग्री, झांसी 45.9 डिग्री, आगरा में 45.3 डिग्री और उरई में 45.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इसके अलावा राजधानी लखनऊ 43.2 डिग्री तापमान में तपी जबकि कानपुर में दिन का तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
मौसम के तल्ख तेवरों को देखते हुये राज्य के अधिसंख्य इलाकों में कक्षा 12 तक की कक्षायें स्थगित कर दी गयी है वहीं कई प्राइवेट कंपनियों ने अपने कर्मचारियों से वर्क फ्राम होम करने के निर्देश दिये हैं। प्राणि उद्यान में वन्य जीवों को गर्मी से बचाने के लिये कूलर और स्प्रिंकल की मदद ली जा रही है वहीं सड़कों पर भी पानी की बौछार कर तापमान को नियंत्रित करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
मौसम विभाग द्वारा बुधवार को जारी पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों तक भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में 24 मई तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा तथा 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 20 से 24 मई के दौरान दिन के समय प्रदेश के अनेक जिलों में उष्ण लहर (लू) से भीषण उष्ण लहर चलने की आशंका है, जबकि कई स्थानों पर उष्ण रात्रि की स्थिति भी बनी रह सकती है। विभाग ने विशेष रूप से बुंदेलखंड, कानपुर मंडल, आगरा मंडल तथा पूर्वांचल के कई जिलों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है।
पहले दिन यानी 20 मई को बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, कानपुर देहात, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत कई जिलों में भीषण लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं मिर्जापुर, संत रविदास नगर, कानपुर नगर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और मैनपुरी भी गंभीर गर्मी की चपेट में रह सकते हैं। 21 मई को भी स्थिति में विशेष सुधार के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, मिर्जापुर, वाराणसी, कानपुर नगर, आगरा, मथुरा, झांसी और ललितपुर सहित अनेक जिलों में भीषण लू की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, सहारनपुर, मेरठ और बुलंदशहर समेत कई जिलों में सामान्य लू चलने की संभावना जताई गई है।
22 मई को भी बुंदेलखंड और पूर्वांचल के जिलों में भीषण गर्मी बनी रहने का अनुमान है। बांदा, प्रयागराज, प्रतापगढ़, वाराणसी, कानपुर नगर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, झांसी और महोबा समेत कई जिलों में भीषण लू चल सकती है, जबकि देवरिया, अयोध्या, अंबेडकरनगर, मेरठ, गाजियाबाद और अलीगढ़ जैसे क्षेत्रों में लू का प्रभाव बना रहेगा।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भीषण गर्मी के कारण सभी आयु वर्ग के लोगों में हीट रैश, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से मजदूरों, किसानों, खनन श्रमिकों तथा लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पशुधन तथा खड़ी फसलों पर भी गर्मी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।
आईएमडी ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेने तथा ओआरएस, लस्सी, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है। किसानों को शाम के समय हल्की सिंचाई करने और खेतों में नमी बनाए रखने के उपाय अपनाने को कहा गया है।
कृषि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अत्यधिक गर्मी का असर गन्ना, मक्का, उड़द, मूंग, मूंगफली, सूरजमुखी तथा सब्जियों की फसलों पर पड़ सकता है। फसलों में नमी की कमी, फूल झड़ना, फल सिकुड़ना और उत्पादन घटने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। किसानों को मल्चिंग, हल्की सिंचाई और सूक्ष्म पोषक तत्वों के छिड़काव की सलाह दी गई है।
हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग ने भीषण गर्मी और लू को लेकर परामर्श जारी किया गया है। कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद शर्मा ने बताया कि जिले में लू के संभावित प्रभावों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है।
श्री शर्मा ने बुधवार को बताया कि गर्मी लगातार बढ़ने के मद्देनजर स्वास्थ्य संस्थानों को विशेष तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लू और गर्मी से संबंधित बीमारियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। सभी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में लू प्रबंधन इकाइयों को सक्रिय रखने, आइस पैक, ठंडे आईवी फ्लूड्स एवं अन्य कूलिंग व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी और लू की स्थिति शरीर की कार्य प्रणाली पर प्रभाव डाल सकती है, जिससे व्यक्ति गंभीर रुप से बीमार पड़ सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे लू के दौरान विशेष सावधानी बरतें। दस्त होना, हल्का बुखार आना और अत्यधिक प्यास लगना भी शरीर में पानी की कमी के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस और तरल पदार्थों का सेवन करें तथा चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें।
डा. शर्मा ने नागरिकों को यह भी सलाह दी कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। नंगे पैर बाहर न जाएं और भारी, गहरे रंग तथा तंग कपड़े पहनने से परहेज करें। अधिक प्रोटीन वाले एवं बासी भोजन का सेवन न करें। बच्चों और पालतू जानवरों को खड़ी गाडिय़ों में अकेला न छोड़ें। अत्यधिक गमीज़् में कठिन श्रम वाले कार्य न करें तथा खाना बनाते समय रसोई को हवादार रखें। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि गर्मी के मौसम में सतर्क रहें और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। जिले में आज अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे सड़कों और बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में चहल-पहल कम रही।
मौसम विभाग के सूत्रों के अनुसार सुबह से ही तीखी गर्मी का असर महसूस होने लगा था और दोपहर 12 बजे तक तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दोपहर बाद तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तापमान 46 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई है।
भीषण गर्मी और लू के कारण कूलर और पंखे भी राहत देने में नाकाम दिखाई दिए, जबकि वातानुकूलित यंत्रों की ठंडक भी कम महसूस हुई। मुख्य मार्गों और बाजारों में लोगों की आवाजाही कम रही तथा व्यापारी भी गर्मी से परेशान नजर आए। लोग शीतल पेय और पानी पर अधिक निर्भर रहे।
जिला प्रशासन ने लोगों से लू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने, सिर ढककर निकलने, पर्याप्त पानी पीने तथा हल्के सूती वस्त्र पहनने की सलाह दी है।