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‘NEET Paper Leak नहीं हुआ’, NTA चीफ ने संसदीय कमेटी के सामने नहीं मानी लीक होने की बात

पेपर लीक के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने पेपर लीक होने से मना कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। अगर सीबीआई कहती है कि पेपर लीक हुआ है तो मान लेंगे की पेपर लीक हुआ था।

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भारत

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Anurag Animesh

May 21, 2026

NTA

National Testing Agency

NEET Paper Leak 2026 को लेकर नया अपडेट सामने आया है। संसद की एक कमेटी के सामने NTA यानी National Testing Agency के बड़े अफसरों को बुलाया गया था। जिसमें उनसे पेपर लीक के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने पेपर लीक होने से मना कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। अगर सीबीआई कहती है कि पेपर लीक हुआ है तो मान लेंगे की पेपर लीक हुआ था।

कमेटी के सामने आये थे अधिकारी


कमेटी की अध्यक्षता कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह कर रहे थे। NTA की ओर से चेयरमैन प्रदीप कुमार जोशी और डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह मौजूद थे। लेकिन विपक्षी सांसदों के सवालों का कोई सीधा जवाब अफसरों के पास नहीं था। डीजी अभिषेक सिंह ने साफ कहा कि उनके सिस्टम से पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने दोहराया कि पेपर लीक होने की आधिकारिक पुष्टि तभी होगी जब CBI इसकी जांच पूरी कर ले। कमेटी ने पूछा कि अगर पेपर लीक नहीं हुआ, तो फिर परीक्षा रद्द क्यों की गई और दोबारा क्यों हो रही है? इस सवाल का जवाब अफसरों के पास नहीं था।

कमेटी के सामने डीजी ने बस इतना कहा कि परीक्षा में कुछ गड़बड़ियां हुई थीं और छात्रों का भरोसा बनाए रखने के लिए इसे दोबारा कराना जरूरी था। NTA ने कहा कि परीक्षा के दौरान कुछ सवाल बाहर जरूर आए थे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पूरा पेपर लीक हो गया। अफसरों ने जोर देकर कहा कि नीट का पेपर लीक होना अभी तक साबित नहीं हुआ।

क्या है पूरा मामला?

NEET UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। कुछ दिन बाद सोशल मीडिया पर वायरल PDF के जरिए पेपर लीक होने के आरोप सामने आए। इसके बाद NTA ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। CBI ने मामले की जांच शुरू की और राजस्थान से महाराष्ट्र तक फैले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जांच में पता चला कि पेपर असल में हाथ से लिखा गया था। आरोप है कि राजस्थान के एक अभ्यर्थी के पिता दिनेश बिवाल ने इसे स्कैन करके PDF तैयार किया और कोचिंग नेटवर्क के जरिए फैलाया। CBI के अनुसार इस जाल में छात्रों से 2 लाख से 5 लाख रुपये तक वसूले गए।

अब तक कई गिरफ्तारी


जांच में कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें बॉटनी टीचर मनीषा मांधरे, कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर और कई सदस्य शामिल हैं। शुरूआती जांच में मामला राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और केरल तक फैले नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। अब NEET की परीक्षा 21 जून को दोबारा होगी।

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