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सड़क हादसों की कीमत: 12 लाख जानें, मरने वाला हर 13वां भारतीय, 3600 अरब डॉलर की चपत

जितनी देर में आप यह पूरी खबर पढ़ेंगे, तब तक देश में कम से कम आठ सड़क हादसे हो चुके होंगे। 2024 में देश में कुल 4,87,705 सड़क हादसे हुए। यानि, हर मिनट एक हादसा।

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मामूली बातों पर अमल करें तो यात्रा, अंतिम यात्रा में बदलने से बच जाएगी। (फोटो सोर्स: एआई)

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा तैयार Global status report on road safety, 2023 में बताया गया है कि दुनिया भर में हर साल करीब 12 लाख लोग (2021) सड़क हादसों में जान गंवाते हैं। प्रत्येक एक लाख की आबादी में 15 लोग सड़क हादसों की भेंट चढ़ गए। 2021 में अकेले भारत में 1,53,972 लोग सड़क हादसे में मारे गए। यानि, कुल मौतों का करीब 13 प्रतिशत। 2024 में यह संख्या 1,77,177 पहुंच गई।

5-29 साल के लोगों की मौतों के कारणों में सड़क हादसा एक प्रमुख कारण है। दुनिया भर में अर्थव्यवस्था को इससे सालाना करीब 3.6 खरब अमरीकी डॉलर का झटका लगता है।

जर्मनी-जापान से पांच गुना खतरनाक भारतीय सड़कें

दुनिया के अलग-अलग देशों में सड़क पर चलना कितना सुरक्षित या जोखिम भरा है, इसका अंदाज नीचे का टेबल देख कर लगाया जा सकता है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2021-22 के आंकड़ों के आधार पर तय किया है।

देशअनुमानित मृत्यु दर (प्रति लाख आबादी पर)सड़क सुरक्षा जोखिम का स्तर
नॉर्वे / स्वीडन~2.0 - 2.5सबसे कम जोखिम (सबसे सुरक्षित)
यूनाइटेड किंगडम (UK)~2.9बहुत कम जोखिम
जर्मनी*~3.7कम जोखिम
जापान~3.1 - 4.0कम जोखिम
संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)12.9मध्यम जोखिम
भारत~15.5 - 16.5मध्यम-उच्च जोखिम
ब्राजील~16.0मध्यम-उच्च जोखिम
रूस~12.0 - 14.0मध्यम जोखिम
चीन*~17.0 - 19.0उच्च जोखिम
अफ्रीकी क्षेत्र (औसत)~26.6सबसे अधिक जोखिम

भारत में तमिलनाडु की सड़कें सबसे ज्यादा असुरक्षित

भारत में दक्षिणी राज्यों में सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल जैसे राज्य आते हैं। 2020 से 2024 के बीच किस साल, किस राज्य में कितने सड़क हादसे हुए, वह इस टेबल में देखा जा सकता है।

क्र.सं.राज्य/केंद्र शासित प्रदेश2020 में सड़क हादसों की संख्या 2021 में सड़क हादसों की संख्या 2022 में सड़क हादसों की संख्या 2023 में सड़क हादसों की संख्या 2024 में सड़क हादसों की संख्या
1आंध्र प्रदेश19,50921,55621,24919,94919,557
2अरुणाचल प्रदेश134283227287277
3असम6,5957,4117,0237,4217,848
4बिहार8,6399,55310,80111,01411,610
5छत्तीसगढ़11,65612,37513,27913,46814,857
6गोवा2,3752,8493,0112,8462,682
7गुजरात13,39815,18615,75116,34915,588
8हरियाणा9,4319,93310,42910,4639,806
9हिमाचल प्रदेश2,2392,4042,5972,2532,156
10झारखण्ड4,4054,7285,1755,3155,196
11कर्नाटक34,17834,64739,76243,44043,062
12केरल27,87733,29643,91048,09148,834
13मध्य प्रदेश45,26648,87754,43255,32756,669
14महाराष्ट्र24,97129,47733,38335,24336,118
15मणिपुर432366508398299
16मेघालय214245246223269
17मिज़ोरम5369133106118
18नागालैंड500746489303129
19ओडिशा9,81710,98311,66311,99212,375
20पंजाब5,2035,8716,1386,2696,063
21राजस्थान19,11420,95123,61424,69424,838
22सिक्किम138155211182149
23तमिलनाडु49,84455,68264,10567,21367,526
24तेलंगाना19,17221,31521,61922,90325,986
25त्रिपुरा466479575577578
26उत्तराखण्ड1,0411,4051,6741,6911,747
27उत्तर प्रदेश34,24337,72941,74644,53446,052
28पश्चिम बंगाल*10,86311,93713,68613,79513,700
29अंडमान और निकोबार द्वीप समूह141115141143135
30चंडीगढ़159208237182169
31दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव100140196182152
32दिल्ली4,1784,7205,6525,8345,657
33जम्मू और कश्मीर*4,8605,4526,0926,2985,808
34लद्दाख--236374289264
35लक्षद्वीप14310
36पुडुचेरी9691,0491,1811,3081,431
कुल 3,72,1814,12,4324,61,3124,80,5834,87,705

तमिलनाडु से ज्यादा जानलेवा यूपी की सड़कें

2024 में सड़क हादसे भले ही सबसे ज्यादा तमिलनाडु में हुए हों, लेकिन मौतें सबसे ज्यादा यूपी में हुईं। टेबल देख कर आप अपने राज्य की स्थिति जान सकते हैं।

क्र.सं.राज्य/केंद्र शासित प्रदेश2020 में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या2021 में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या2022 में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या2023 में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या2024 में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या
1आंध्र प्रदेश7,0398,1868,2938,1378,346
2अरुणाचल प्रदेश73157148145168
3असम2,6293,0362,9943,2963,351
4बिहार6,6997,6608,8988,8739,347
5छत्तीसगढ़4,6065,3715,8346,1666,945
6गोवा223226271290286
7गुजरात6,1707,4527,6187,8547,717
8हरियाणा4,5074,7064,9154,9684,689
9हिमाचल प्रदेश8931,0521,032889869
10झारखण्ड3,0443,5133,8984,1734,114
11कर्नाटक9,76010,03811,70212,32112,390
12केरल2,9793,4294,3174,0803,880
13मध्य प्रदेश11,14112,05713,42713,79814,791
14महाराष्ट्र11,56913,52815,22415,36615,715
15मणिपुर1271101277372
16मेघालय144187162168197
17मिज़ोरम425611396110
18नागालैंड5355738662
19ओडिशा4,7385,0815,4675,7396,142
20पंजाब3,8984,5894,7564,8294,759
21राजस्थान9,25010,04311,10411,76211,790
22सिक्किम4756925767
23तमिलनाडु14,52715,38417,88418,34718,449
24तेलंगाना6,8827,5577,5597,6607,949
25त्रिपुरा192194241261226
26उत्तराखण्ड6748201,0421,0541,090
27उत्तर प्रदेश19,14921,22722,59523,65224,118
28पश्चिम बंगाल*5,1285,8006,0026,0276,678
29अंडमान और निकोबार द्वीप समूह1420192429
30चंडीगढ़5396836775
31दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव6476907495
32दिल्ली1,1961,2391,4611,4571,551
33जम्मू और कश्मीर728774805893831
34लद्दाख--56625961
35लक्षद्वीप01200
36पुडुचेरी145140181149218
कुल1,38,3831,53,9721,68,4911,72,8901,77,177

National Highways: सबसे ज्यादा जानलेवा

भारत में सबसे ज्यादा मौतें राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways -एनएच) पर होती हैं। 2025 में एनएच पर 1,34,307 हादसे हुए और इनमें 57,482 मौतें हुईं। 2024 में एनएच पर 64,772 और 2023 में 63,112 मौतें हुई थीं। एनएच पर मरने वालों का आंकड़ा सड़क हादसों में होने वाली कुल मौतों का 36 प्रतिशत से भी ज्यादा है, जबकि सड़कों की कुल लंबाई (63 लाख किलोमीटर) के लिहाज से देखा जाए तो एनएच की लंबाई (1,46,204 किलोमीटर) ढाई प्रतिशत से भी कम है।

इस बीच एनएच पर टोल से सरकार की वसूली जबरदस्त बढ़ी है। पांच साल में यह दोगुनी हो गई है। सरकार ने फरवरी 2026 में संसद को बताया था कि 2024-25 में लोगों से टोल टैक्स के रूप में 61,408.15 करोड़ रुपये वसूले गए। 2020-21 में मात्र 27,926.27 करोड़ रुपये टोल टैक्स की वसूली हुई थी।

साल (FY)टोल वसूली (करोड़ रुपये में)
2020–2127,926.67
2021–2233,928.66
2022–2348,032.40
2023–2455,882.12
2024–2561,408.15

यहां तक कि लोगों से गलत वसूली भी की गई। मार्च में सदन में पेश की गई नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General या CAG) की रिपोर्ट में कहा गया है कि नियमों के मुताबिक एक समय के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India या NHAI) को टोल चार्ज 40 प्रतिशत कम करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस वजह से लोगों को 180.44 करोड़ रुपये अतिरिक्त टोल चुकाना पड़ा।

सबसे ज्यादा मौतें तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग से

2024 में कुल 4,87,705 सड़क हादसों में से 344446 तेज रफ्तार और 24,731 ओवरलोडिंग के चलते हुईं। ओवरस्पीडिंग से हुई दुर्घटनाओं में 123947 लोग मारे गए। वहीं, ओवरलोडिंग से हादसे और 11,014 मौतें हुईं।

यह मालूम है कि ज़्यादातर हादसे तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के चलते होते हैं। फिर भी, इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा सके हैं।

ओवरलोडिंग रोकने में एनएचएआई की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। मामला कोर्ट में भी गया है। कई राज्यों की हाईकोर्ट में समय-समय पर एनएचएआई को इसके लिए उचित कदम उठाने के लिए कहा जाता रहा रहा है। लेकिन, कुछ ठोस नतीजा नहीं निकल रहा है। ओवरस्पीड के मामले में भी कुछ ऐसा ही है।

एनएचएआई ठोस उपाय करे या न करे, ज़िंदगी आपकी है, आप तो समझिए। यह आपके हाथ में भी है। कुछ बातों का ध्यान रखिए तो सड़क यात्रा पूरी कराएगी, हमेशा के लिए खत्म नहीं।

सड़क हादसा: इन आसान बातों पर करें अमल तो सुरक्षित रहेगा सफर

  • तेज रफ्तार में गाड़ी नहीं चलाएं। रफ्तार की तय सीमा को तो बिल्कुल पार नहीं करें।
  • सीट बेल्ट/हेलमेट का इस्तेमाल हर हाल में करें। चाहे ड्राइव कर रहे हों या सवार हों।
  • किसी तरह का नशा कर ड्राइव नहीं करें।
  • मोबाइल पर बात करना, वीडियो देखना या किसी अन्य हरकत से ड्राइव करते समय बचें। ऐसा कुछ नहीं करें, जिससे ड्राइविंग से ध्यान भटकने का खतरा हो।
  • जरूरत से ज्यादा सवारी बिठा कर चलने वाली गाड़ियों में यात्रा करने से बचें। सामान ढोने वाले वाहनों में भी जरूरत से ज्यादा सामान नहीं भरें।
  • सड़क पर पैदल चलते या ड्राइव करते समय समय सतर्क रहें और यातायात नियमों का पालन करें।
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